भाइ भाइ (Bhai Bhai – Kudmali Bhasa Sahitya)

  • Post author:
  • Post category:Blog
  • Reading time:5 mins read

 4. भाइ भाइ (Bhai Bhai – Kudmali Bhasa)

कुड़मालि केहनि जुड़ति  (kudmali kehani judati)

Kudmali For JSSC CGL

JSSC CGL Kudmali Syllabus || 

kurmali syllabus and books for JSSC CGL|| 

‘भाइ भाइ’ केहनि कर केहनिकार खगेंदरअ माहतअ हेकेइक । इ केहनि टांइ दुइ भाइ लिलु आर भेलु कर बिचेक कथा आहेइक । इटांइ कनह घार परिबारे पिठेक भाइएक बिचे किना – किना आर केसन केसन सामाजिक जिमेबारि आर आपद आउअइक सेइ गिला कर बाखान हेल आहेइक । 

पाठ :

दुइ पिठेक भाइ – भेलु आर भेलु

मुचि माहतअ –  एखराक बाम

चेइतिभेलु कर बहु

‘गउड़ि’ नामेक एक गांउए ‘मुचि माहतअ ‘ कहिके एक चासा लक रहइक । अकर दुइ गअ बेटा लिलु आर भेलु । भेलु बड़ आर लिलु छटअ हेकल । दुइअ कर रुप रंग एकेइ डुल देखा हेला । मेनतुक जनमलेइ भेलु ले लिलु टुएक दढ़अ माढ़अ रहल। मेनतुक एक बछर परेइ अखराक माइ मरि गेल । तचान मुचिआइ कनह डुल करिबा मानुस करलेइक । लिलु आर भेलु दुइअ मेटरिक केलास पहंचल मेनतुक खालि लिलुंइ पास करल आर भेलुंइ तिन धांउ मेटरिक देल परउ पास निहिं करे पारल । तखन उ हाइर

मानि चास बास करे लागल आर लिलु कलेजे भरति हेल । एसनअ लिलु सउब दिने टुएक चालाक चपट रहल । मेनतुक पेइसा कुड़ि माहाने अकरले चिठा रहल ।

पति दिनेक काम पाइट उपर ले रांधा बाटाले छुटकारा पाइएक जालांइ बड़का माने भेलु कर बिहा देलेइक आर घुरि बछर लिलु करअ बिहाक बात उठाल मेनतुक अंइ साफा साफि माना करि देल – मइ एखन बिहा निहिं करब । काहे कि लिलुंइ केतेक निजेक आंइखे देखल जे बिहा कर बादे टाका दिएक माहान घारेक लकेक मुड़ दुखाइक । उपर ले | बहु कर साइआ-साड़ि, पाउडर, हेमानि जेसन साइज साउअर । | आर कहलेइ आहेइक जेनिक बुइध तेनिक । तखन उ घारे सांभरात ना कलेज जात । सेइ खने दुइ गतनि मांइझे झगड़ा झाटि हेतेइक । सेइ माहान लिलु निफिकिर हेइके पढ़े लागल। आर अंइ आगु दिगे साबाह बनेक खांखुस राखल | आर घार कर नाम जागाब ।

सेइ गांउए लिलुक पारा आर केउ पढ़ल लिखल निहिं रहला । एकर सभाबअ बेजांइ बेस । अंइ झगड़ा झाटिले सात हांथ धुरे रहइ तेल । जखन लिलु बि. ए. पास करल तखन गांउएक अकर ले हिंसकाइ लागला आर भाइए भाइए झगड़ा । लढ़ाइएक उपाइ करे लागला । एखरा भिनालेइ आर लिलु । पढ़ाई करे पारतेइक नाइ । तखन भेलु आर अकर बहु चेइतिके गांउएक लके रामाइएनेक पाठ पढ़ाइ लागलउथिन ।

एहे बिचे एक धांउ टाकाक लेइ लिलुंइ चिठि पाठाल । हेनअ संजउगे घारे एकअ टि टिकलि पइसा निहिं रहलेइक । बेचा-किना करिके टाका जगाड़ करि । सेइ टाका अकर हांथे । देखिके अकर फुफुक दादा भाइ पहंचल । तखन अंइ अके ! पिआइलाइ उपाइ करे लागल । तखन भेलुंइ एक टा बतल किनि देलेइक आर जाइत घेडिंग फुफुक बेटांइ टुएक हेलउ खाइ लाइ कहलेइक, मेनतुक अंड माना करि देल । एहे देखि अंइ कहलेइक – दादा भाइ जुंठा हलउ करि दें । नि तअ मइ । एकाइ केसे खाब? तखन भेलुंइ एक ढक पिअल ।

एहे एक ढक दार हेलेइक भेलु कर अहनि । अकर बादे गांउएक कुटिल संगे एक आध ढक खाइत खाइत हिंसकाइ गेल । जेसन तिले तिलेइ बांध भरइक, असनेइ तिल – तिल

करेइत करेइत एकर आदत बने लागल । एबार भेलु एक बेरा काम त दसर बेरा भाठि घारे उठा बेइसा

मातालेक सुरे एक दिन भेलुंइ निजेक बापके धमकाइके कहे लागल साला सउबले बड़अ मइ । मइ काकर धांगर | नाइ । राइत दिन गरु काड़ा निआर खाटि – खाटि पिंधेक बेराइ चेथरा फाटल, खाइते नुन भात आर अकर खातिर नउतुन नउतुन पेन पिरान । मइ आर संगे रहब नाइ मके भिनाइ दे ।

भेलुक मुँहे एसन कथा बात सुनिके अकर बाप हाइटाटका | हेइ गेल । बेचाराक राउअ सुखि गेल । अके केतेक बुझालउथिक | पिठेक भाइ हेकउ पढ़े दिहिं । आर दुइ चार बछरेइ तअ । ताकर बादे तअ कनह जाइगांइ नकरि पाउबे करताक । काकर उकसाने तंइ फुलि गेल आहिस?

तखन आरअ उलटा अकर बाप किहिं कहे लागल | तंइ एबार मके ना सिखांइ ! आपन हिंसा दे दे । तखन अकर बापुहुं अके निजेक बाचेक तक हिंसा निहिं दिएक कथा कहि देलेक ।

हिंसा नि दिएक कथा सुनि भेलुंइ ठेंगा उठाल, तखन अके भिनाइ देलेइक । भिनाइल कथा बात सुनिके अकर | ससुर घारले दउरा खांचि लेइके आउला आर अखराउ आरअ | कान फुंकि देलथिक । एकार भेलुक घारे नितअ दिन मद खाउआ लकेक उठा बेइसा हेउ लागलेइक । कहलेइ आहेइक – धन जउबन आढ़ाइ दिन, आर छिटगि लुगा पिंधउ आर | अढ़उ नि कुलाइक । एबार एकर खरचा टाना टानि हेइए | लागलेइक । आर भेलुक घारे रिन सामाइ गेल । बछर दिन | हेइत इत तअ बांधा खेतउ सिराइ गेल एबार अघनेइ चुटिआ डेगे लागल | घारे चाइर कनाक भितर एक कनाउ भुसा नि भरे लागल । तखन आर उपाइ ना पाइ खेत बेचेक उपाइ करल। चुपे चापे कम दाम देलउ चलतेइक । मेनतुक | काकरअ काने मुचि माहातंइ सुने पाउअल कि भेलुंइ चुपेइ | खेत बेचइस। लिलुअ घार आउअल रहल। तखन अके अंइ | भेलुके कहल – तंइ काकउ ना पुछिके खेत गठ काहे बेसाबे ? तंइ किना खेत बेसाइएक तेंहे भिनाल आहिस। मेनतुक कह किना कहताइ ।

तखन लिलुंइ मेहनाइके कहे लागल तं भके केते कसटइ रहिके मके पढ़ाई लाहास । तइ आपन जुआन समइ टा मर खातिर एकलाइ पुहाले, जखन सिआन हेलिए तखन जाने पारल जे मर मांइ एक छटंइ मरि गेल आहि । आर तंइ लकेक बाते आइके बुढ़ा लक टाके एकलाइ छाड़ि भिनाले । जे तंइ सुखे खाबे ! मेनतुक किना तंइ सुखे खाहास ? मइ एखन दसराक कथांइ बाझल आहास ।

एहे सब सुनिके भेलुक आंइखे लर डब डब हेइ गेलेइक आर लिलुके हाबुआइके कहलेइक तंइ मर सना भाइ कहिके सुसके लागल। पसताइके कहल मइ आझान बाझान कथांइ सरगेक चांद धरइत रहइ, ठिकेइ कहत खिस खाइ निजके, बुइध खाइ परके। भइआ मर सना भइआ कहि कहि सुसके लागल। तखन अकर बहु चेइतिंह कांदि कांदि एक घटि पानि आनि देलेइक आर कहलेइ तहरा एहे एक घटिक पानिंद सउब राग रस धइ दाहाक आर संगेइ बेसि भात खाउएक नेहर करल। दुइअ एक संगे एक पाइते भात खाल | आर दसर दिन लिलुंइ चाभि काठि देइके आपन डिबटिंइ | चलि गेल।

आसे पासेक जहड़ल लके एखराक मुहे एसन कथा सुनिके खालि एतनेइ कहला भाइ हेउएक चाइ तअ लिलु रकम ! एहे डुल ‘भाइ भाइ’ केहनि धार परिवारेक रिसता नाता कर लेइ आहेइक ।