भूमध्य रेखा मकर रेखा कर्क रेखा को काटने वाली नदियाँ

  • Post author:
  • Post category:Blog
  • Reading time:12 mins read

 Q.कौन सी नदी भूमध्य रेखा को दो बार काटती है ?

ANS – कॉन्गो या जायरे नदी 

कॉन्गो (जायरे) नदी

  • देश – कॉन्गो गणराज्य,कॉन्गो, अंगोला 

  • यह अफ्रीका की दूसरी सबसे लंबी नदी है। 

  • इसके तट पर कॉन्गो गणराज्य की राजधानी ‘किंशासा‘ व कॉन्गो की राजधानी ‘ब्राजाविले’ अवस्थित है।

  • यह नदी विषुवत् रेखा को दो बार काटती हुई अटलांटिक महासागर में गिरती है। 

  • इस नदी बेसिन के विषुवत्रेखीय क्षेत्र में विश्व की सबसे छोटे कद वाली प्रजाति ‘पिग्मी’ रहती है। 

  • कसई, उबांगी इसकी महत्त्वपूर्ण सहायक नदियाँ हैं। 

  • कसई नदी बेसिनडायमंड रिज़र्व के लिये प्रसिद्ध है।

Q.कौन सी नदी मकर रेखा को दो बार काटती है ?

ANS – लिंपोपो नदी

लिंपोपो नदी

  • देश – दक्षिण अफ्रीका,बोत्सवाना, जिंबाब्वे व मोजांबिक

  • यह नदी दक्षिण अफ्रीका- बोत्सवाना तथा दक्षिण अफ्रीका-जिंबाब्वे की सीमा बनाते हुए मापूतो (डेलागुआ) की खाड़ी में गिरती है। 

  • यह नदी मकर रेखा को दो बार काटती है।

Q.कौन सी नदी मकर रेखा को तीन बार काटती है ?

ANS – बरमेजो नदी

बरमेजो नदी
दक्षिण अमेरिका की बरमेजो नदी मकर रेखा को तीन बार काटती है।

Q.कौन सी नदी भूमध्य रेखा एवं कर्क रेखा दोनों को काटती है ?

ANS – नील नदी

नील नदी 

  • नील नदी –  उत्तरी सूडान, मिस्र

  • श्वेत नील – युगांडा, द. सूडान,उत्तरी सूडान

  • ब्लू नील – इथियोपिया, उत्तरी सूडान

  • यह नदी ‘श्वेत नील’ एवं ‘ब्लू नील’ के मिलने से बनी है। 

  • श्वेत नील का उद्गम – विक्टोरिया झील से, 

  • ब्लू नील का उद्गम – इथियोपियाई उच्चभूमि से 

  • ब्लू नील उत्तरी सूडान की राजधानी खार्तूम के समीप श्वेत नील से मिलने के बाद ‘नील नदी’ कहलाती है।

  • नील नदी का मुहाना –  भूमध्यसागर में 

  • ‘नील नदी की देन’मिस्र को कहा जाता है। 

  • यह विश्व की सबसे लंबी नदी (6,695 किमी.) है।

  • नील नदी भूमध्य रेखा एवं कर्क रेखा दोनों को काटती है। 

Q.कौन सी नदी कर्क रेखा को दो बार काटती है 

ANS – माही नदी

माही नदी

  • उद्गम  –  मेहद झील (मध्य प्रदेश के धार जिले में सरदारपुरा के मिन्डा गांव के निकट ,विंध्याचल पर्वत के पश्चिम में )

  • प्रमुख सहायक नदियाँ –जाखम, सोम, चाप, अनस 

  • मुहाना  – खंभात की खाड़ी

  • अन्य प्रमुख विशेषताएँ-  

    • माही बजाज सागर परियोजना अवस्थित है। 

    • यह नदी कर्क रेखा को दो बार काटती है।