झारखण्ड में प्रमुख योजनाएं (Major Schemes in Jharkhand)

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Cyber Crime Prevention Against Women and Children Scheme

  • इस योजना का आरंभ झारखंड सरकार द्वारा 17 दिसंबर 2020 को किया गया था।

लाइट हाउस परियोजना 

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 जनवरी 2021 से इंदौर में झारखंड समेत छह राज्यों के शहरों में वैश्विक आवासीय प्रौद्योगिकी चुनौती (जीएचटीसी)- भारत के तहत लाइट हाउस परियोजनाओं की आधारशिला रखी है। 
  • इस परियोजना में 6 राज्यों में झारखंड, त्रिपुरा, यूपी, एमपी, गुजरात, तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश शामिल है। 
  • इस परियोजना के तहत झारखंड की राजधानी में रांची में 1008 आवास का निर्माण 1 वर्ष में किए जाने का लक्ष्य है। 
  • इस लाइट हाउस योजना के तहत झारखंड के रांची में जर्मन तकनीक पर आधारित घर बनाए जाएंगे।

स्वामी विवेकानंद निशक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना

  • दिव्यांग व्यक्ति को प्रतिमाह ₹1000 दिया जाएगा

झारखंड राज्य समाजिक सुरक्षा वृद्धा पेंशन योजना

  • ₹600 प्रति माह पेंशन दिया जाएगा
    • 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिला को
    • 18 या उससे अधिक उम्र की विधवा महिला को
    • 40% से अधिक दिव्यांग व्यक्ति को

झारखंड आदिम जनजाति पेंशन योजना

  • इस योजना के तहत आदिम जनजाति परिवार जिनका कोई सदस्य सरकारी, निजी अथवा सार्वजनिक क्षेत्र में नियोजित नहीं है, कि महिला सदस्य को प्रतिमाह ₹600 पेंशन दिया जाएगा।
  • अगर परिवार में कोई महिला सदस्य नहीं है तो परिवार के मुखिया को दिया जाएगा।

झारखंड राज्य विधवा सम्मान पेंशन योजना

  • 18 या उससे अधिक उम्र की विधवा महिला को ₹600 का मासिक पेंशन दिया जाएगा

एड्स से पीड़ित व्यक्ति हेतु झारखण्ड का सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना

  • पीड़ित व्यक्ति को ₹600 मासिक पेंशन दिया जाएगा

Table of Contents

झारखंड गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना-2022

झारखंड मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना

  • योजना की शुरुआत – 
  • योजना की घोषणा – 
  • योजना से संबंधित अन्य तथ्य : 
  • इस योजना के माध्यम से झारखंड के बेरोजगार नागरिकों की झारखंड सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। 
  • मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लिऐ आवेदक की उम्र सीमा 18 से 45 वर्ष होना चाहिए 
  • आवेदक झारखंड राज्य का स्थाई निवासी होना चाहिए 
  • आवेदक की पारिवारिक वार्षिक आय 5,00,000 से कम होना चाहिए 
  • सखी मंडल की दीदी भी इस योजना का लाभ ले सकती है 
  • इस योजना के तहत 25 लाख तक का ऋण का प्रावधान किया गया है 
  • जिसमें से 40% या अधिकतम 5,00,000 तक सरकार अनुदान देगी 
  • 50,000 तक के लोन पर किसी गारंटी की जरूरत नहीं

सर्वजन पेंशन योजना

  • सर्वजन पेंशन योजना के अधीन राज्य के सभी योग्य व्यक्तियों को विशेष अभियान चलाते हुए सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जोड़ने की योजना पर सरकार ने कार्य शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री ने इस कार्य का शुभारंभ गुमला से किया है
  • इस योजना के द्वारा 7.79 lakh लोगों को पेंशन से जोड़ा जाएगा 
  • इस योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को पेंशन से जोड़ा जाएगा
  • नवंबर 2021 में सर्वजन पेंशन योजना लागू की गयी थी

झारखण्ड पेट्रोल सब्सिडी योजना- 2022 

मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृति योजना

मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना

  • 19 मार्च, 2021 को राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना प्रारंभ की गई है।
  • इस योजना के तहत वर्ष में एक बार राज्य के प्रशिक्षित बेरोजगारों को ₹ 5,000/- एवं ₹ 7,500/- प्रोत्साहन राशि देने का संकल्प जारी किया गया है, इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्न अर्हताएँ रखी गई हैं। 
  • इसके लिए झारखण्ड राज्य का निवासी होना चाहिए। 
  • स्वयं का बैंक खाता व आधार कार्ड होना चाहिए। 
  • 48 घंटे से अधिक समय के लिए जेल की सजा नहीं हुई हो। 
  • इसके आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक और 35 वर्ष से कम

मुख्यमंत्री ने Safe and Responsible Migaration Institute (SRMI) का शुभारंभ

  • 16 दिसंबर, 2021 को झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखण्ड मंत्रालय स्थित सभागार में प्रवासी मजदूरों के पलायन को सुरक्षित बनाने हेतु बनाई गई पॉलीसी (SRMI) का शुभारंभ किया। 
  • वर्तमान में (SRMI) पायलट प्रोजेक्ट के तहत दुमका पश्चिमी सिंहभूम तथा गुमला के श्रमिकों के पलायन को ध्यान में रखकर नीति बनाई गई है।

मेरा पैड मेरा अधिकार

  • अंतर्राष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस के अवसर पर नाबार्ड की ओर से वित्त प्रदत्त “मेरा पैड मेरा अधिकार” योजना का ऑनलाइन उद्घाटन केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने किया। 
  • इस योजना के लिये देश के 30 जिलों का चयन किया गया है। जिसमें पूर्वी सिंहभूम भी शामिल है। नाबार्ड की ओर से माँ लक्ष्मी महिला समिति को सेनेटरी पैड बनाने के लिए दो मशीन, दो महीने की कार्यशल पूँजी और आवश्यक प्रशिक्षक भी दिया गया है।

शिशु प्रोजेक्ट

  • कारोना काल में अनाथ हुए बच्चों की समुचित देख भाल, सुरक्षा एवं पुर्नवास के लिये झारखण्ड स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी द्वारा शिशु प्रोजेक्ट के माध्यम से की जाएगी।

सनी स्मार्ट क्लास

  •  नेत्रहीन छात्रों को शिक्षित करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा सनी स्मार्ट कलास की शुरूआत की गई है।
  • राज्य का पहला नेत्रहीन मॉडल स्कूल रांची में तथा गिरिडीह में । दूसरा नेत्रहीन मॉडल स्कूलं खोला गया है।

वीसी सखी पहल

  •  12 अगस्त, 2021 को झारखण्ड स्टेट लाइवलीहुड- प्रोमोशन सोसाइटी (JSLPS) ने भारतीय लघु विकास बैंक सिडबी के साथ बैंकिंग संवाददाता के माध्यम से डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देने हेतु वीसी सखी पहल का ऑनलाइन शुभारंभ किया। 
  • सखी मंडल की 4,620 महिलाएँ वर्तमान में लगभग 3,137 पंचायतों को वीसी सखियों के रूप में घर- घर बैंकिंग सेवाएँ प्रदान कर रही हैं। 
  • लॉकडाउन के दौरान बीसी सखियों ने लगभग ₹ 6,000 करोड़ का लेन-देन किया और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को सुलभ बनाया। 
  • सखी मंडल की बहनों को बीसी, सखी, के रूप में बैंकिंग सेवा प्रदान करने के लिये ग्रामीण विकास विभाग के तहत JSLPS की पहल को सिडबी के माध्यम से तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगा।

झारखण्ड विधान सभा टी.वी. की शुरूआत

  • झारखण्ड विधान सभा टी.वी. की शुरूआत करने वाला झारखण्ड देश में दूसरा राज्य बन गया है। जबकि देश का पहला राज्य केरल है। 
  • 23 मार्च, 2021 को मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और विधान सभा में स्पीकर रविन्द्र नाथ महतो द्वारा इसका उद्घाटन किया गया। 

झारखण्ड यूनिवर्सल पेंशन योजना लागु करने वाला देश का पहला राज्य

  • मार्च, 2021 में झारखण्ड बजट 2021-22 में राज्य सरकार ने इसकी घोषणा की। 
  • संपूर्ण राज्य में यूनिवर्सल पेंशन योजना को लागु करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस योजना के अन्तर्गत किसी भी उम्र व जाति की विधवा अनाथ व दिव्यांग व्यक्ति को राज्य सरकार सामाजिक सुरक्षा के अन्तर्गत पेंशन की एक निश्चित रकम प्रदान करेगी। 

सोना सोबरन धोती साड़ी योजना

  • हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दुमका से “सोना सोबरन धोती साड़ी योजना” की शुरूआत की।
  • इस योजना के तहत जनवितरण प्रणाली दुकानों से लाभार्थियों को ₹ 10 में वर्ष में दो बार एक साड़ी एवं लुंगी या धोती वितरित की जाएगी। इस योजना का लाभ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सभी राशन कार्डधारियों को मिलेगा। 
  • वर्ष 2020 में सरकार द्वारा झारखण्ड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना की कार्यान्वयन को स्थागित कर उसकी जगह नई योजना “सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना प्रारंभ करने की घोषणा की गई।

यूनिवर्सल पेंशन योजना

  • 16 नवंबर, 2021 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश से लागु 
  • इसमें ए.पी.एल. और बी.पी.एल. कार्ड की बाध्यता समाप्त कर दी गई।
  • यह योजना में 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी वृद्धजनों को पेंशन योजना का लाभ प्राप्त होगा। बशर्ते आवेदक करदाता ना हो। 
  • गरीब निःशक्त और निराश्रित, जिनमें विधवा, एकल महिलाएं भी शामिल हैं।
  •  सभी को एक हजार रूपये महीने सीधे बैंक खाता में प्राप्त होगा। 
  • इस योजना के तहत ₹ 100 करोड़ का प्रावधान किया गया।
  • सरकार के महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा संचालित किया जा रहा है।
  • एच.आई.वी./एडस पीडित व्यक्ति सहायतार्थ पेंशन योजना के तहत आयु सीमा नहीं रखी गई है। आवेदक के लिए ART/ARD प्राप्त करने संबंधि चिकित्सा प्रमाण पत्र की जरूरत होगी।

SAHAY योजना

  • 15 दिसंबर, 2021 को झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खेल “और खेल प्रतिभा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोल्हान की धरा से “SAHAY” (Sports Action Towards Harnessing Aspiration ofYouth) योजना का शुभारंभ किया गया। 
  • इस योजना का संचालन खेल विभाग द्वारा किया जाएगा। योजना का उद्देश्य खेल के माध्यम से नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं के हुनर को एक पहचान देकर सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करना है। 
  • इस योजना के प्रथम चरण में नक्सल प्रभावित चाईबासा , सरायकेला-खरसावाँ ,  खूटी, गुमला एवं सिमडेगा जिले के 14 से. 19 वर्ष के 72 हजार युवक-युवतियों को खेल के क्षेत्र में अपना हुनर दिखाने का अवसर मिलेगा। 
  • पंचायत, वार्ड, प्रखंड एवं जिला स्तर तक खेल में प्रतिभाशाली युवाओं को हॉकी, फुटबॉल, बॉलीबॉल एथलेटिक्स समेत अन्य खेलों में अपना हुनर दिखाने का अवसर मिलेगा।
  • योजना के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं में जिला एवं राज्य स्तर पर विजेताओं और उप विजेताओं को प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित भी किया जाएगा। 
  • इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में खेल की नर्सरी स्थापित की जाएगी, ताकि झारखण्ड की खनिज के अतिरिक्त भी पहचान स्थापित हो सके। हर स्तर पर खेल का आयोजन किया जाएगा।

गरिमा परियोजना अंतर्गत डायन कुप्रथा मुक्त 

  • झारखण्ड के लिये कार्यशाला आयोजित झारखण्ड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी द्वारा डायन कुप्रथा मुक्त झारखण्ड के निर्माण के लिए आयोजित कार्यशाला में झारखण्ड के ग्रामीण विकास सचिव डॉ. मनीष रंजन ने कहा कि गरिमा परियोजना के माध्यम से झारखण्ड को डायन कुप्रथा मुक्त बनाया जाएगा।

शहरी वानिकी योजना

  • झारखण्ड सरकार द्वारा राज्य में शहरी क्षेत्र को हरा भरा करने का लिए शहरी वानिकी योजना की शुरूआत की गई। 
  • इस योजना के तहत राज्य के पूरे शहरी क्षेत्र में उपलब्ध भूमि एक सड़क किनारे पौधारोपण किया जाएगा। 
  • अब तक जिन नदियों के किनारेपौधारोपण नहीं किया गया है, उन “सभी नदियों के किनारे पौधारोपण किया जाएगा।
  •  भारतीय वन सर्वेक्षण 2019 रिपोर्ट के अनुसार 2017 से 2019 तक के दौरान राज्य में विभिन प्रकार के वन क्षेत्रों में 58 वर्ग कि.मी. की वृद्धि हुई तथा भारतीय वन सर्वेक्षण 2021 की रिपोर्ट के अनुसार 110 वर्ग कि.मी. की वृद्धि हुई।

फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट 

  • झारखण्ड में तिलैया, कोनार, मैथन और पंचेत (बंगाल-झारखण्ड) सहित दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) से संबंधित सभी में फ्लोटिंग सौर परियोजनाएँ स्थापित की जाएगी, जिसमें प्रत्येक की क्षमता 50 MW होगी।
  • पेरिस समझौते के तहत इन सौर ऊर्जा परियोजनाएँ को स्थापित करने का निर्णय लिया गया है तथा DVC के सभी बाँधों पर फ्लोटिंग सौर परियोजनाएँ स्थापित की जाएगी। 
  • DVC की योजना वर्ष 2030 के अंत तक अपनी विद्युत उत्पादन क्षमता को 10,000 MW तक बढ़ाना है। 
  • लुगु हिल्स में एक 1500 MW पंप स्टोरेज प्लांट भी प्रस्तावित किया गया हैं। इसके अलावा जल्द ही बोकारो थर्मल प्लांट की बी प्लांट यूनिट में एक सौर ऊर्जा इकाई स्थापित की जाएगी।

प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) योजना

  • हाल में जारी आंकड़ों के अनुसार झारखण्ड में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्व्यन में आदिवासी जिला सिमडेगा 93.25 प्रतिशत लक्ष्य के साथं प्रथम स्थान पर है। 
  • 91.99 प्रतिशत लक्ष्य के साथ रांची जिला दूसरे स्थान पर है। 
  • रांची में खलारी प्रखंड पहला ऐसा प्रखंड बन गया है जिसमें पाँच माह पहले लक्ष्य पूरा कर लिया है। खलारी प्रखंड में वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिये 105 हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था जिसे पूरा कर लिया गया है। 
  • प्रधानकी आवास योजना वर्ष 2015 में शुरू की गई थी, इस योजना कर के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ₹ 1.30 लाख एवं शहरी क्षेत्र में ₹ 1.20 लाख की सहायता दी जानी है।

पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना

  •  झारखण्ड सरकार की दूसरी वर्षगाँठ पर 29 दिसंबर, 2021 को इस योजना की शुरूआत की गई। 
  • इस योजना के तहत पत्रकारों का ₹ 5 लाख तक का बीमा होगा। 
  • इस योजना के तहत सरकार प्रीमियम में खर्च होने वाली 80% राशि वहन करेगी। 
  • इस योजना के तहत पत्रकार की पत्नी को 21 वर्ष तक के लिए दो अविवाहित बच्चों तक लाभ मिलेगा।

KCC एवं मुख्यमंत्री पशुधन वितरण कार्यक्रम

  • 9 अगस्त , 2021 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बिरसा मुण्डा के सम्मान में लगभग 2 लाख कृषकों को KCC एवं मुख्यमंत्री पशुधन वितरण कार्यक्रम के तहत कुल ₹ 734 करोड़ वितरित किये गए। 
  • विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर बिरसा मुण्डा एवं अन्य जनजाति नेताओं को सम्मान देते हुए कृषकों को यह धन राशि वितरित की गई।
  • इस कार्यक्रमः का मुख्य लक्ष्य कृषकों की आय में वृद्धि करना जिससे राज्य में गरीबी कम होगी। पशुधन वितरण से राज्य में उपस्थित कुपोषण की समस्या का भी समाधान करना है।

उडान प्रोजेक्ट 

  • झारखण्ड स्टेट लाइवलीहुड प्रोमोशन सोसाइटी (JSLPS) स्वसंचालित उड़ान प्रोजेक्ट के अन्तर्गत “वासन” से समझौता किया। जिसके अंतर्गत PVTGs की आजीविका में सुधार किया जाएगा। JSLPS द्वारा झारखण्ड बाजरा मिशन शुरू किया जाएगा, जिसमें वासन द्वारा बाजरा उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण निपणन आदि तक तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी।

केन्द्रीय ऊर्जा योजना

  •  26 अक्टूबर, 2021 को केन्द्रीय ऊर्जा योजना की मॉनीटरिंग के लिए जिला स्तर पर कमेटी गठित करने हेतु राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी की। 
  • ग्रामीण क्षेत्रों में हर एक घर में बिजली का कनेक्शन पहुंचे और केन्द्र और राज्य सरकार की विद्युतिकरण से जुड़ी योजनाओं से अंतिम व्यक्ति लाभान्वित हो, इसके लिये जिला स्तर पर कमेटी का गठन किया जाएगा। 
  • इस संबंध में सरकार ने कहा कि 5 वर्षों में पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, समेकित ऊर्जा विकास योजना प्रधानमंत्री हर घर बिजली सौभाग्य योजना और ग्रामीण विद्युतीकरण योजना से जुड़ी चुनौतियों से निपटने तथा आधुनिकीकरण हेतु ₹ 3 लाख करोड़ की नई योजना Revamped Distribution Sector Sheme को अधिग्रहण किया गया है। 
  • इस योजना में सब स्टेशन की स्थापना करना और वर्तमान संब स्टेशनों को अपग्रेड करना तथा जन भागीदारी सुनिश्चित करना हैं। 
  • इन योजनाओं के मॉनिटरिंग हेतु जिला विद्युत समिति का गठन किया गया है।
  • जिला विद्युत समिति में जिला के वरिष्ठतम सांसद (अध्यक्ष), जिला के अन्य सांसदगण (सह-अध्यक्ष), जिला उपायुक्त (सदस्य) सचिव और जिला पंचायत अध्यक्ष/सभापति जिले के विधायकगण, संबंधित जिला में विद्युत मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत केन्द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम के वरिष्ठ प्रतिनिधि या उनके द्वारा नामित जिला अधिकारी सदस्य के रूप में होंगे। 

ग्रामीणों की आय, मनरेगा से विकास अभियान

  •  28 अक्टूबर 2021 को मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी जी के निर्देश पर झारखण्ड की सभी पंचायतों में ग्रामीणों की आय, मनरेगा से विकास अभियान के तहत ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से रोजगार महादिवस आयोजित किया गया। रोजगार महादिवस के आयोजन पर सभी जिलों के प्रखंडों में कलस्टर स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को ऑनस्पॉट जॉब कार्ड बनाया गया तथा मनरेगा के तहत वैसे श्रमिक जो 100 दिन रोजगार प्राप्त किये हैं, उन्हें पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • इस अभियान के द्वरा मनरेगा योजनाओं के प्रति श्रमिकों को जागरूक किया गया तथा गाँव में संचालित योजनाओं में योगदान दिया जाएगा। 
  • झारखंड की आत्मा गाँवों में बसती है। गाँव मजबूत होगा तो राज्य मजबूत होगा। खेतों को पानी, मजदूरों को काम और खेल प्रतिभाओं को मिले सम्मान इस भावना के साथ झारखंड के । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक राहत भरी पहल की है। इसके तहत तीन अहम योजनाओं का शुभारम्भ किया गया। 

(1) बिरसा हरित ग्राम योजना 

(2) नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना 

(3) पोटो हो खेल विकास योजना

बिरसा हरित ग्राम योजना

  •  4 मई, 2020 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ग्रामीण विकास से संबंधित तीनों योजनाओं का शुभारंभ किया । 
  • इन तीनों कल्याणकारी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों और प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत रोजगार प्रदान करना है। इसमें 36 करोड़ मानव दिवस सृजन करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें करीब 20 हजार करोड़ रुपए लाखों मजदूरों को उनके पारिश्रमिक के रूप में दिया जाएगा। 
  • 5 लाख परिवारों को 100-100 फलदार पौधों का पट्टा दिया गया। 
  • राज्य में 5 करोड़ पौधों का रोपण अगले 5 साल तक पौधों को सुरक्षित रखने में सहयोग। 
  • प्रखण्ड एवं जिला स्तर पर प्रसंस्करण इकाई की स्थापना । 
  • उत्पाद को सुगम रूप से बाजार में उपलब्ध कराने की व्यवस्था । 
  • 3 वर्ष बाद से प्रत्येक परिवार को 50,000 रुपये की निश्चित वार्षिक आमदनी।
  •  मनरेगा के तहत 25 करोड़ मानव दिवस का सृजन । 
  • बुजुर्गों और विधवा महिलाओं को प्राथमिकता। 
  • इसमें सरकार सड़क किनारे, सरकारी भूमि, व्यक्तिगत भूमि या गैर मजरूआ भूमि पर फलदार पौधे लगाने के लिए ग्रामीणों को प्रोत्साहित करेगी।

नीलाम्बरं-पीताम्बर जल समृद्धि योजना

  • जल संरक्षण की विभिन्न अवसंरचनाओं का निर्माण ।
  • खेत का पानी खेत में रोकने का लक्ष्य । 
  • राज्य की वार्षिक जल संग्रहण क्षमता में 5 लाख करोड़ लीटर की वृद्धि। 
  • 5 लाख एकड़ बंजर भूमि का संवर्धन। 
  • मनरेगा के तहत 10 करोड़ मानव दिवस का सृजन। 
  • पलामू प्रमण्डल के तीन जिले पलामू, लातेहार तथा गढ़वा के सूखे की व्यवस्था में सुधार।

पोटो हो खेल विकास योजना

  •  सभी पंचायतों सहित राज्य भर में 5000 खेल के मैदानों का निर्माण ।
  •  युवक और युवतियों के लिए खेल सामग्री की व्यवस्था ।
  • प्रखण्ड और जिला स्तर पर सुसज्जित प्रशिक्षण केन्द्रों का संचालन। 
  • खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी में विशेष आरक्षण। 
  • मनरेगा के तहत 1 करोड़ मानव दिवस का सृजन। 
  • खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारना।

 तीनों कल्याणकारी योजनाओं में झारखंड के वीर पुरुषों का नाम जोड़ा गया है ताकि वर्तमान पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी को न सबसे अवगत कराया जा सके।

मुख्यमंत्री दीदी किचन योजना

  • झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोविड-19 के दौरान लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री दीदी किचन योजना प्रारम्भ की।
  •  इसके तहत विभिन्न जिलों में 5453 दीदी किचन कार्य कर रहे हैं। यहाँ प्रतिदिन लगभग 4 लाख लोगों को दो वक्त का भोजन मुफ्त कराया जाता है। 
  • इसका संचालन महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) के द्वारा किया जा रहा है। इसमें सखी मण्डल की 1 लाख बहनों ने अपना सराहनीय योगदान दिया। 

मुख्यमंत्री मानव सेवा योजना

  •  3- कोरोना महामारी से उत्पन्न विपदा की घड़ी में राज्य में निवास करने वाले गरीबों को उस क्षेत्र के विधायक की अनुशंसा पर 1,000 रु. तथा राज्य के बाहर फँसे प्रवासी श्रमिकों को 2,000 रु. की राशि हस्तान्तरित करने हेतु राज्य के सभी विधायकों को अधिकतम 25 लाख रुपए व्यय करने का अधिकार “मुख्यमंत्री मानव सेवा योजना’ के अन्तर्गत दिया गया।

शहरी रोजगार गारंटी योजना

  •  शहरी क्षेत्र के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शहरी रोजगार गारंटी योजना” प्रारंभ की गई है। इसके तहत प्रत्येक इच्छुक परिवार को वर्ष भर में १०० दिनों की रोजगार की गारंटी दी गई है। काम नहीं दे पाने की स्थिति में उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।

सोबरन माँझी आदर्श विद्यालय योजना

  •  राज्य के 5000 सरकारी विद्यालयों को भी आदर्श स्कूल की तर्ज पर विकसित करने की घोषणा 15 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की। मुख्यमंत्री ने इसे सोबरन माँझी आदर्श विद्यालय योजना का नाम दिया था।
  • इन 5000 आदर्श स्कूलों में स्मार्ट-क्लास रूम, ऑनलाइन शिक्षा की सुविधा दी जाएगी। ई-लाइब्रेरी, कम्प्यूटर लैब, अत्याधुनिक प्रयोगशाला भी ऐसे स्कूलों में होगी। इसके अलावा बच्चों का मानसिक तनाव दूर करने के लिए योग सेंटर भी होगा।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना

  • राज्य में पशुपालन की पुरानी परम्परा है, इसका लाभ सभी लोगों का सुनिश्चित हो सके इसी उद्देश्य से यह योजना लॉन्च की गई है।
  • झारखंड के गाँवों में रह रहे लोगों के पास उपलब्ध बकरी, मुगा एवं सुअर उनके एटीएम की तरह होते हैं । यह योजना राज्य क किसानो को आय का एक सशक्त स्रोत उपलब्ध कराएगी। 
  • 29 सितंबर 2020 को मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने राज्य का ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए “आजीविका संवर्धन हुनर अभियान – ASHA” एवं “फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान” का शुभारम्भ तथा “पलाश ब्रांड” का अनावरण किया।

सरकार का संकल्प

  • हड़िया-दारु बेचती नहीं दिखेंगी झारखंड की महिलाएँ।
  • महिलाओं को रोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता ।
  • पलाश ब्रांड को देश और दुनिया का ब्रांड बनाएं।

आजीविका संवर्धन हुनर अभियान (ASHA)

  • आजीविका संवर्धन हुनर अभियान के जरिए 17 लाख ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के सशक्त साधनों से जोड़ा जाएगा। 
  • कृषि आधारित आजीविका, पशुपालन, वनोपज संग्रहण एवं प्रसंस्करण, उद्यमिता समेत संसाधनों से जुड़े स्वरोजगार के अवसर भी ग्रामीण महिलाओं को उपलब्ध कराए जाएंगे। 
  • मिशन सक्षम के डेटाबेस में दर्ज 4.71 लाख प्रवासियों में से करीब 3.6 लाख प्रवासियों के परिवार को आशा के तहत फायदा होगा।
  • ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड परियोजना द्वारा संचालित विभिन्न परियोजना के तहत करीब 1200 करोड़ की राशि का प्रावधान । 

फूलो झानो आशीर्वाद योजना

  • फूलो झानो आशीर्वाद योजना के तहत हड़िया-दारु के निर्माण एवं बिक्री से जुड़ी ग्रामीण महिलाओ को चिन्हित कर सम्मानजनक आजीविका के साधनों से जोड़ा जाएगा। 
  • राज्य की 15 हजार से ज्यादा हड़िया-दारु निर्माण एवं बिक्री से जुड़ी महिलाओं का सर्वेक्षण मिशन नवजीवन के तहत किया जा चुका है। इन महिलाओं की काउंसलिंग कर मुख्यधारा के आजीविका से जोड़ने का कार्य किया जाएगा।
  • चुनिंदा महिलाओं के आजीविका मिशन के तहत सक्रिय कैडर के रूप में चुने जाने का प्रावधान है। वे अन्य महिलाओं के लिए ती प्रेरणास्रोत का कार्य करेंगी। 
  • चिन्हित महिलाओं को इच्छानुसार वैकल्पिक स्वरोजगार एवं आजीविका से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। 

पलाश ब्रांड

  • पलाश = ग्रामीण महिलाओं की श्रम शक्ति का सम्मान 
  • ग्रामीण विकास विभाग ने सखी मंडल की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को पलाश ब्रांड के तहत बाजार से जोड़ने की तैयारी की हैं।

दीदी बाड़ी योजना

  • झारखंड राज्य से कुपोषण की समस्या को खत्म करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने दीदी बाड़ी योजना की शुरुआत की हैं।
  • इस योजना के तहत पोषण युक्त भोजन सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। 
  • झारखंड में पाँच साल से कम आयु के 45.3 फीसदी एवं 65.5 फीसदी महिलाएँ कुपोषित हैं।
  • इस योजना के तहत 5 लाख परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य : निर्धारित किया गया हैं। 
  • मनरेगा और झारखंड स्टेट लाइवलीवुड प्रोमोशन सोसायटी यानी (जेएसएलपीएस) के सहयोग से शुरू की गई योजना की खास बात यह है कि ग्रामीण अपनी पोषण वाटिका का निर्माण खुद करेंगे और उन्हें काम के एवज में मनरेगा के मद से राशि का भुगतान भी किया जाएगा।
  • इसके तहत ग्रामीण अपनी बाड़ी (घर के आसपास की जमीन) में अपने परिवार के पोषण की जरुरत के मुताबिक एक से पाँच डिसमिल में पोषण वाटिका का निर्माण करा सकते हैं।
  • इसके अलावा भूमिहीन ग्रामीणों द्वारा भी दो से पाँच लोगों के समूह में सार्वजनिक जमीन पर ग्रामसभा की अनुमति से पोषण वाटिका की शुरुआत की जा सकती है।

सोना सोबरन धोती साड़ी वितरण योजना

  • इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम से आच्छादित राज्य के सभी पात्र गृहस्थ एवं अंत्योदय अन्न योजना के लाभुकों को धोती/लूंगी एवं साड़ी प्रति परिवार देने की स्वीकृति दी गई है। 
  • इसमें प्रत्येक लाभुकों परिवारों को 6 माह के अंतराल पर 1 वर्ष में । दो बार तथा वित्तीय वर्ष 2020-21 में एक बार यह लाभ दिया जाएगा।
  •  इसमें एक धोती/लुंगी एवं एक साड़ी प्रति परिवार 10 रु./- प्रति धोती एवं 10 रु./- प्रति साड़ी की अनुमानित दर से वितरित होगा।
  • इससे झारखंड राज्य के 57.1 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने फिलहाल 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

नियम/विधेयक 

झारखण्ड क्षेत्रीय विकास प्राधिकार संशोधन विधेयक 2021

  • 24 मार्च 2021 को राज्य सरकार द्वारा झारखंड क्षेत्रीय विकास, प्राधिकार का संशोधन विधेयक 2021 को मंजूरी प्रदान की गई। 
  • इस संशोधन के माध्यम से झारखंड में शहरीकरण को विस्तार देने के लिए जमीन मालिकों से करार कर लैंड पुल बनाने का रास्ता साफ हो गया है। 
  • इसके माध्यम से राज्य के क्षेत्रीय विकास प्राधिकार के इलाकों में लैंडपुल के जरिए कॉलोनियाँ विकसित करना आसान हो जाएगा। 
  • जमीन मालिकों को उनके मालिकाना हक के बदले परियोजना के मुनाफे से हिस्सेदारी दी जाएगी।
  • राज्य सरकार जमीन को सरकारी या निजी कम्पनियों को सौपने से पहले वहाँ सडक, बिजली, पानी, सीवरेज, ड्रेनेज, पार्क और दूसरे इफ्रास्ट्रक्चर का विकास करेगी।  

हरित उर्जा उपकर विधेयक 2021

  •  22 मार्च 2021 को हरित उर्जा उपकर विधेयक राज्य सरकार द्वारा पारित किया गया । 
  • इस विधेयक के अन्तर्गत बिजली बनाने वाली कंपनियों को प्रति यूनिट 15 पैसे की दर से राज्य सरकार को ग्रीन सेस राशि का भुगतान करना पड़ेगा। 
  • इस विधेयक के तहत राज्य सरकार को.51 फीसदी स्वामित्व वाली कंपनी या निकाय को आपूर्ति की गई बिजली पर तथा स्वार खपत के लिये बिजली पैदा करने पर ग्रीन सेवा का भगतान नहीं करना होगा।
  • इससे प्राप्त राशि का उपयोग सरकार नवीकरणीय गैर पर उर्जा उत्पादन और विकास पर खर्च करेगी।

झारखण्ड खेल नीति – 2020

  • झारखण्ड खेल नीति 29 दिसंबर, 2020 से लागू की गयी।
  • इसमें खिलाड़ियों प्रशिक्षकों स्कूली स्तर पर खेल की अनिवार्यता पदक जीतने पर खिलाड़ियों को कैश अवॉर्ड पुराने खिलाड़ियों को प्रति माह पेंशन और दिव्यांग खिलाड़ियों को प्राथमिकता देने समेत कई बातें शामिल हैं। 
  • नयी खेल नीति में खिलाड़ियों और कोच को प्रोत्साहित करने के लिए जयपाल सिंह मुंडा अवॉर्ड देने की बात कही गई हैं।
  •  साथ ही साथ इसमें प्रावधान किया गया है कि बिना मान्यता प्रदान खेल संघों को खेल विभाग की ओर से कोई अनुदान नहीं दिया जाएगा।
  • इस खेल नीति के तहत सभी सरकारी निजी स्कूलों में प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर के पाठयक्रम में शारीरिक शिक्षा एवं खेल को अनिवार्य बनाया जाएगा।
  • ऐसी व्यवस्था की जायेगी जिससे स्कूल में प्रतिभाशाली बच्चों को उत्कृष्ठ खिलाड़ी बनने के लिए विशेष प्रशिक्षण की सुविधा दी जा सके। सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में कम से कम एक घंटे शारीरिक गतिविधियों और खेल के लिए निर्धारित होगा। 
  • इसके अलावा कॉलेजों और विश्वविद्यालों में खेल को विकसित किया जाएगा।
  •  राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक स्कूल (जिसके पास खेल के मैदान या स्टेडियम उपलब्ध हो) को चिन्हित कर उसमें खेल की समूचित सुविधाएँ उपलब्ध करायी जाएंगी और उसे ग्रामीण खेल केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। 
  • ग्रामीण खेल केन्द्रों के लिए अनुबंध पर दो साल के लिए एक खेल मित्र बहाल किया जाएगा जो ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को पसंदीदा खेलों में भाग लेने के लिए प्रात्साहित किया जाएगा। 
  • खेल अकादमी व खेल विश्वविद्यालय की होगी स्थापना राज्य में उच्च प्राथमिक्ता वाले खेलों के लिए एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना की जायेगी, जिसमें बालक व व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • खेल निदेशालय समय समय पर तय मानदंडों के अनुसार खिलाड़ियों का चयन करेगा। खिलाड़ियों को आवास बोडिंग, मुफ्त खेल किट, खेल उपकरण, प्रतियोगिता प्रदर्शन और पोषण विशेषज्ञ का समर्थन और चिकित्सा प्रदान की जाएगी। 
  • मेगा स्पोर्टस काम्लेक्स (रांची) में खेल विश्वविद्यालय शुरू किया जाएगा। 
  • दिव्यांग खिलाड़ियों को मिलेंगे समान अवसर। इसमें दिव्यांगों के लिए जिलास्तरीय स्टेडियम की सुविधा प्रदान की जाएगी। 
  • पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को कैश अवॉर्ड देकर सम्मानित किया जाएगा। 
  • ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले को दो करोड़ का पुरस्कार, रजत के लिए 1 करोड़ तथा कांस्य पदक के लिए 75 लाख रूपये का पुरस्कार दिया जाएगा। 
  • विश्व या विश्व चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले को 20 लाख, रजत पदक जीतने वाले को 15 लाख तथा कांस्य पदक जीतने वाले को 10 लाख रूपये पुरस्कार मिलेगा। 
  • मान्यता प्राप्त खेल संघों की ही अनुदान :- राज्य सरकार से अनुदान प्राप्त करने के लिए खेल संघों को खेल विभाग से मान्यता प्राप्त करना होगा। इसके अलावा सोसाईटी एक्ट के तहत निबंधन भी आवश्यक होगा, इसके बाद ही अनुदान मिल सकेगा। 
  • साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजन के लिए अधिकतम एक करोड़ की राशि मिलेगी। इसमें 50% राशि तुरंत और 50% ऑडिट रिपोर्ट मिलने के बाद मिलेगी। इसी तरह अन्य खेलों के आयोजन के लिए भी वित्तीय सहायता दी जायेगी। 
  • खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सेलेंस के तहत कुमार दुधानी में एकलव्य तीरंदाजी केन्द्र बनाया जाएगा।
  • खिलाड़ियों के लिए खेल पुस्तकालय का शुभारंभ किया जाएगा।
  • खिलाड़ियों को शिक्षा संस्थाओं में 3% तथा सरकारी नौकरी में 2% क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा।
  • खिलाड़ियों को राज्य स्तर की द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी में सीट की भर्ती की जाएगी।

पर्यटन नीति-2020

  • झारखण्ड सरकार द्वारा तैयार की गई पर्यटन नीति, 2020 में पर्यटन में निवेश की संभावनाओं को मद्देनजर रखकर निवेशकों को प्रोत्साहित करने की तैयारी है
  • निवेशकों को निवेश करने पर पूँजी का 30% या अधिकतम ₹ 10 करोड़ तक का सब्सिडी दिया जाएगा।
  • अनुसूचित क्षेत्र में निवेशकों को अतिरिक्त बिजली दरों में 30% – तक की छूट दी जायगी। 
  • निवेशकों को लोन इंटरेस्ट में 50% सब्सिडी अधिकत्म 25 लाख रूपये तक 5 वर्षों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। 
  • अनुसूचित क्षेत्र में निवेशकों को लोन इन्टरेस्ट में अतिरिक्त 5% इंसेंटिव दिया जाएगा। 
  • राज्य में लगने वाली नयी पर्यटन इकाई को अगले 5 सालों तक SGST के भुगतान में 75% की छूट और स्टांप डयूटी में 3% की छूट दी जाएगी। 
  • राज्य की सभी रजिस्टर्ड टूरिजम केन्द्रों का पहले 5 साल तक होल्डिंग टैक्स भी माफ किया जाएगा। 

झारखण्ड मोटर वाहन संशोधन नियमावली 2021

  • 27 जुलाई 2021 को झारखण्ड केबिनेट ने झारखण्ड मोटर वाहन नियमावली, 2021 को मंजूरी प्रदान की गई है।
  • इस नियमावली के तहत लर्निंग लाइसेन्स जाँच शुल्क, ड्राईविंग लाइसेन्स, रिन्यूवल लाईसेन्सों का शुल्क में बढ़ौतरी की गई है।
  • इस नियमावली में सवारी गाड़ियों यात्री बसों, तथा मोटर कैब के परमिट शुल्क में भी बढ़ौतरी की गई है तथा पर्यटक वाहनों के लिए शुल्क मे बढ़ौतरी करके इसकी राशि को ₹ 1500 कर दिया गया है।

झारखण्ड विद्युत शुल्क संशोधन विधेयक 2021

  • 23 मार्च, 2021 को झारखण्ड विद्युत शुल्क संशोधन विधेयक 2021 को राज्य सरकार द्वारा मंजूरी प्रदान की गई। 
  • इस विधेयक के तहत घरेलु खपत के लिये बिजली का उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल का 6 प्रतिशत इलेक्टि डयूटी के रूप में चुकाना पड़ेगा। 
  • इससे राज्य सरकार को सालाना ₹ 750 करोड़ अतिरिक्त राशि प्राप्त होने की उम्मीद है। 
  • सिंचाई एवं कार्यों के लिए बिजली पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया गया है।

झारखण्ड की पहली सी.एस.आर. (CSR) नीति 2020

  • 4 फरवरी, 2021 को झारखण्ड मंत्रीमंडल की बैठक में राज्य की पहली CSR नीति (झारखण्ड सी.एस.आर. नीति 2020) को मंजूरी प्रदान की गई। 

मुख्यमंत्री सारथी योजना
शिक्षा प्रोत्साहन योजना
एकलव्य प्रशिक्षण योजना
सर्वजन पेंशन योजना
पत्रकार स्वास्थ्य बीमा योजना
मुख्यमंत्री शहीद ग्राम विकास योजना
दीदी बाड़ी योजना
आजीविका संवर्धन हुनर अभियान और
फूलों झानो आशीर्वाद योजना
सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना
सोना सोबरन धोती साड़ी वितरण योजना
प्री एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति
बिरसा हरित ग्राम योजना
nilamber-pitamber जल समृद्धि योजना
वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना
कृषि ऋण माफी योजना
मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना
मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना
मुख्यमंत्री दीदी किचन योजना
झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना
मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना
समर अभियान
गरिमा परियोजना
किसान तत्काल योजना
मुख्यमंत्री श्रमिक योजना
हनी ब्रांड
छात्रों को बीमा सुरक्षा
झालसा की तीन योजना
श्रमेव बन्दे योजना
मानवता योजना कर्तव्य योजना
बायोटेक किसान हब योजना
गरीब कल्याण रोजगार अभियान
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
मेरा पेड मेरा अधिकार योजना
तृप्ति योजना
साइबर क्राईम प्रीवेंशन अगेंस्ट वुमन एंड चिल्ड्रन योजना
लाइट हाउस परियोजना
झारखंड के कुछ पेंशन योजना
स्वामी विवेकानंद निशक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना
राज्य समाजिक सुरक्षा वृद्धा पेंशन योजना
आदिम जनजाति पेंशन योजना
राज्य विधवा सम्मान पेंशन योजना