झारखण्ड में वन्य प्राणी संरक्षण (Wildlife Conservation in Jharkhand )

झारखण्ड में वन्य प्राणी संरक्षण

  • झारखण्ड में  राष्ट्रीय उद्यान की संख्या –
  • झारखण्ड में  वन्य जीव अभ्यारण्य  की संख्या – 11 
  • राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्य जीव अभ्यारण्य विस्तार  
    • राज्य के 2.63% भू-भाग पर 
    • राज्य के 9% संरक्षित वन क्षेत्र के दायरे में 

 

1. राष्ट्रीय उद्यान (National Park)

  • बेतला बाघ अभयारण्य की स्थापना – (1974)
    • झारखण्ड का एकमात्र टाईगर रिजर्व (बाघ आरक्ष्य)
    • विस्तार –  1,026 KM2 क्षेत्र
  • बेतला राष्ट्रीय उद्यान  
    • एक अभयारण्य के रूप में स्थापित और बाद में इसे अपनी वर्तमान स्थिति में अपग्रेड किया गया था।
    • झारखण्ड का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान 
    • स्थापना – 1986 ई. में 
    • स्थित – लातेहार जिला में 
    • क्षेत्र में विस्तृत –  226.33 वर्ग कि.मी (ES – 2020-21 )
    • बेतला डाल्टनगंज से 25 किलोमीटर दूर ,लातेहार से 70 किलोमीटर ,रांची से 170 कि.मी की दूरी पर स्थित है। 
    • लगभग 226 वर्ग कि.मी. बेतला वन को “बेतला राष्ट्रीय उद्यान” और 753 वर्ग कि.मी. वन को पलामू अभयारण्य”  घोषित किया। 
    • बेतला जंगल केचकी से शुरू होकर नेतरहाट तक फैला हुआ है।
  •  यहाँ 1932 ई. में विश्व की पहली शेर गणना की गई थी।
  •  बेतला का पूरा नाम 
    • बायसन, एलीफैंट, टाइगर, लियोपार्ड, एक्सिस-एक्सिस (BETLA – Bison, Elephant, Tiger, Leopard, Axis-Axis)

 

वन्य जीव अभ्यारण्य (WildLife Sanctury)

  • झारखण्ड का एकमात्र राष्ट्रीय अभ्यारण्य  
    •  पलामू वन्य जीव अभ्यारण्य  (Palamu Wildlife Sanctuary)
      •  राज्य का सबसे बड़ा अभ्यारण्य 
      • विस्तार –  753  वर्ग किमी. क्षेत्र (ES – 2020-21 )
  • हाथी परियोजना (Project Elephant) प्रारंभ
  • 1992 ई. में दालमा वन्य जीव अभ्यारण्य (पूर्वी. सिंहभूम) से शुरू । 
  • देश का प्रथम गज आरक्ष्य (Elephant reserve )
  • उधवा झील पक्षी विहार (साहेबगंज) 
    • प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध (साइबेरिया से पक्षी आते हैं )
  •  महुआडांड़ अभ्यारण्य
    • भेड़िया प्रजाति के संरक्षण हेतु प्रसिद्ध 
  •  तोपचांची अभ्यारण्य 
    • इसके बीच में ‘हरी पहाड़ी’ नामक झील स्थित है। 
  • राजमहल जीवाश्म उद्यान (Rajmahal Fossils Park) 

 

झारखण्ड में वन्य जीव अभ्यारण्य

जिला

अभ्यारण्य का नाम

स्थापना

क्षेत्रफल

 KM2

1

पलामू

पलामू अभ्यारण्य

1976

794.33

2

हजारीबाग

हजारीबाग अभ्यारण्य

1976

186.25

3

लातेहार

महुआडांड़ भेड़िया अ०

1976

63.25

4

पू० सिंहभूम 

दालमा अभ्यारण्य

1976

193.22

5

धनबाद

तोपचांची अभ्यारण्य

1978

8.75

6

चतरा

लावालौंग अभ्यारण्य

1978

207

7

गिरिडीह

पारसनाथ अभ्यारण्य 

1981

43.33

8

कोडरमा

कोडरमा अभ्यारण्य 

1985

177.35

9

कोडरमा

गौतम बुद्ध अभ्यारण्य

1986

121.14

10

गुमला

पालकोट अभ्यारण्य 

1990

183.18

11

साहेबगंज 

उधवा झील पक्षी विहार

1991

5.65

 

झारखण्ड के  पक्षी विहार (Bird Sanctury)

जिला 

पक्षी विहार

कोडरमा

  • तिलैया पक्षी विहार

बोकारो

  • तेनुघाट पक्षी विहार
  • चंद्रपुरा पक्षी विहार

सरायकेला-खरसांवा

  • ईचागढ़ पक्षी विहार

साहेबगंज

  • उधवा पक्षी विहार

 

जैविक उद्यान (Biological Garden) 

  • वन्यजीवो  का बाह्य-स्थाने (ex-situ) संरक्षण हेतु स्थापना 

जैविक उद्यान का नाम

स्थान 

बिरसा भगवान जैविक उद्यान 

चकला, ओरमाँझी

  • 1954 में स्थापित
  • सपही नदी के तट पर स्थित

जवाहर लाल नेहरू जैविक उद्यान 

बोकारो

  • पर्यटन हेतु ट्रॉय ट्रेन की व्यवस्था

मगर प्रजनन केन्द्र

मूटा , रूक्का

  • IUCN द्वारा 1987 में स्थापित

बिरसा मृग विहार

 

कालामाटी, खूटी 

  • सांभर व चीतल का संरक्षण
  • हिरण प्रजनन हेतु प्राकृतिक आवास

 

5. झारपार्क (JHARPARKS) 

  • गठन – 
    • पार्को एवं बागीचों के प्रबंधन एवं विकास हेतु 
  • संचालन –  झारखण्ड पार्क प्रबंधन एवं विकास प्राधिकरण (JPMDA) द्वारा 

इस पहल के तहत झारखण्ड के निम्न 10 पार्कों को शामिल किया गया है

राँची 

  1. बिरसा मुण्डा जैविक उद्यान 
  2. दीनदयाल पार्क
  3. नक्षत्र वन
  4. राँची सिद्ध-कान्हू पार्क 
  5. ऑक्सीजन पार्क
  6. राँची श्री कृष्णा पार्क
  7. अम्बेडकर पार्क,सिल्ली

हजारीबाग

  1. शहीद निर्मल महतो पार्क

जमशेदपुर

  1. घोडबंधा थीम पार्क

दुमका

  1. सिद्ध-कान्हू पार्क

 

झारखण्ड जैव-विविधता बोर्ड 

  • जैव-विविधता अधिनियम, 2002 के तहत 
  • स्थापना –  20 दिसंबर, 2007 को झारखण्ड सरकार द्वारा 

 

वन्यजीव प्रबंधन योजना 

  • 10 वर्ष की अवधि के लिए  शुरूआत 
  • झारखण्ड सरकार द्वारा