• सामवेद – ‘साम’ का अर्थ ‘गान’ होता है।
  •  इसमें यज्ञों के अवसर पर गाए जाने वाले मंत्रों का संग्रह है।
  •  इसे भारतीय संगीत का जनक कहा जाता है।
    • सात स्वरों (सा, रे, ग, म, प, ध, नि) की उत्पत्ति इसी से हुई।
  • सामवेद में कुल 1875 ऋचाएँ हैं।
  • सामवेद के मंत्रों को गाने वाला ‘उद्गाता’ कहलाता है।
  • सामवेद के प्रमुख उपनिषद– छांदोग्य तथा जैमिनीय हैं।
  •  सामवेद का ब्राह्मण ग्रंथ– पंचविश ब्राह्मण, षडविश ब्राह्मण है।
  • सामवेद का एकमात्र उपवेद गंधर्ववेद है.गंधर्ववेद के कर्ता  नारद मुनि है.