गति का दूसरा नियम
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  • गति का द्वितीय नियम (Second Law of Motion) : According to this law, the rate of change of momentum of an object is directly proportional to the unbalanced force acting on it 
  • माना कि m द्रव्यमान की कोई वस्तु, u प्रारंभिक वेग से सीधी रेखा में चल रही है। t समय तक एक निश्चित बल ‘F’ लगने पर उस वस्तु का वेग v हो जाता है।
  • इसके प्रारंभिक एवं अंतिम संवेग क्रमशः  P1 = mu और P2= mv होंगे। संवेग में परिवर्तन ‘P’ = P2 – P1 = mv – mu = m (v-u) = F =ma

गति के द्वितीय नियम के अनुप्रयोग 

  • क्रिकेट के खेल में क्षेत्र रक्षक जब तेज़ी से आती गेंद को कैच करता है तो अपने हाथों को गेंद के वेग की दिशा में पीछे की ओर करते हुए गेंद पकड़ता है।
  •  गाड़ियों में लगने वाले झटकों से बचने के लिये स्प्रिंग तथा शॉक एब्जारवर लगाए जाते हैं।
  • यदि हल्की और भारी दो गेंदें एक समान वेग से गतिशील हैं, तो हल्की गेंद को कैच करना आसान होता है।