उल्कापिण्ड
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  • उल्का (Meteor )/उल्कापिण्ड (Meteorite) : रात्रि के समय आकाश में अत्यंत चमकीले पदार्थ तेजी के साथ पृथ्वी की ओर गिरते नजर आते हैं ।
  • ये क्षुद्रग्रह व अन्य आकाशीय पिण्डों के टुकड़े होते हैं जो पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हैं तो हवा के घर्षण से इसका ताप बढ़ता जाता है और ये जलकर नष्ट हो जाते हैं ।
  • यह टूटते हुए तारों की शक्ल में नजर आते हैं । इसे ही उल्का कहते हैं।
  • कुछ उल्काएँ वायुमंडल में पूरी तरह से नहीं जल पाती है और बचा हुआ पिण्ड पृथ्वी के धरातल पर आकर गिर पड़ता है इसे उल्कापिण्ड (Meteorite) कहते हैं ।