भारत की प्रजातियाँ एवं जनजातियाँ Species and Tribes of India : SARKARI LIBRARY

भारत की प्रजातियाँ (Races and Tribes of India) 

 

  1. भारत में आने वाली सबसे पहली प्रजातिनीग्रो (नीग्रिटो) है, इसके बाद क्रमशः प्रोटो-ऑस्ट्रेलॉयड एवं भूमध्यसागरीय प्रजातियों का आगमन हुआ तथा सबसे अंत में नार्डिक प्रजाति का आगमन हुआ। 
  2. प्रोटो-ऑस्ट्रेलॉयड एवं भूमध्यसागरीय प्रजातियों ने मिलकर हड़प्पा सभ्यता की शुरुआत की। 

हड़प्पा काल में 4 प्रकार की प्रजातियों का अस्तित्व था। 

  1. प्रोटो-ऑस्ट्रेलॉयड
  2. भूमध्यसागरीय 
  3. अल्पाइन
  4. मंगोलॉयड 

डॉ. बी.एस. गुहा ने भारतीय उपमहाद्वीप की मानव जनसंख्या को 6 मुख्य प्रजातियों में विभक्त किया है

  1. नीग्रिटो/नीग्रो (Negrito/Negro) 
  2. आद्य-ऑस्ट्रेलॉयड (Proto-Australoid) 
  3. मंगोलॉयड (Mongoloid) 
  4. भूमध्यसागरीय (Mediterranean) 
  5. चौड़े सिर वाले पाश्चात्य/लघुशीर्ष (Western Brachycephals) 
  6. नार्डिक (Nardic)

प्रमुख प्रजातियाँ 

निवास स्थल

विशेषताएँ 

नीग्रो/नीग्रिटो

Negro/Negrito

  • सिर –
  • नाक –
  • बाल – घुंघराले 
  • त्वचा का रंग – काला 
  • कद –

प्रोटो-ऑस्ट्रेलॉयड

  • सिर –
  • नाक –
  • बाल –
  • त्वचा का रंग –
  • कद –

मंगोलॉयड

उत्तर पूर्वी राज्यों में 

लद्दाख 

सिक्किम 

अरुणाचल प्रदेश

  • सिर –
  • नाक –
  • बाल –
  • त्वचा का रंग – पीला 
  • कद –

भूमध्यसागरीय

Mediterranean

  • सिर –
  • नाक –
  • बाल –
  • त्वचा का रंग – भूरा 
  • कद –

चौड़े सिर वाले पाश्चात्य/लघु शीर्ष

  • सिर –
  • नाक –
  • बाल –
  • त्वचा का रंग –
  • कद – 

नार्डिक

Nordic

पंजाब 

हरियाणा 

राजस्थान

  • सिर –
  • नाक –
  • बाल –
  • त्वचा का रंग –
  • कद – 

भारत की जनजातियाँ (Tribes of India) 

  • विश्व में सर्वाधिक जनजातीय आबादी भारत में है 
  • भारत के संविधान में इन्हें ‘अनुसूचित जनजाति’ कहा गया है (अनुच्छेद 342) किंतु भारतीय संविधान अनुसूचित जनजाति को परिभाषित नहीं करता। 
  • सर्वप्रथम जनजातियों के लिये ‘आदिवासी’ शब्द का प्रयोग ठक्कर बापा द्वारा किया गया। 
  • अंडमान-निकोबार एवं लक्षद्वीप की जनजातियाँ 
    • शोम्पेन, जारवा, सेंटलीज इत्यादि। 

भारत के कुछ प्रमुख जनजातीय समुदाय 

  • सर्वाधिक जनसँख्या वाली जनजाति (2011 जनगणनना )
    • भील जनजाति
    • गोंड जनजाति
    • संथाल जनजाति

भील जनजाति

  • भारत की सर्वाधिक जनसँख्या वाली जनजाति है। (2011 जनगणनना )
  • मुख्य संकेंद्रण – राजस्थान 
  • लोग ‘भीली भाषा’ बोलते हैं। 

गोंड जनजाति

संथाल जनजाति

मुंडा जनजाति

  • प्रमुख क्षेत्र-  झारखंड है। 
  • भाषा – मुंडारी ( ऑस्ट्रिक परिवार की भाषा ) 
  • ‘सरहुल’ इनका प्रमुख त्योहार है।

 बोडो जनजाति

  • निवास-  असम राज्य में 
  • बोडो जनजाति समूह में शामिल जनजाति – कछारी, गारो, मेच, डिमासा, लालुंग आदि 
  • भाषा – बोडो भाषा (तिब्बत-बर्मा भाषा परिवार की ही एक शाखा है) 

थारू जनजाति

भोटिया/भूटिया जनजाति

नागा जनजाति

  • संकेंद्रण – नागालैंड राज्य 
  • इनका प्रमुख त्योहार ‘मिथन’ है। 
  • भाषा-  ‘नागमिस’ (नागा और असमिया भाषा का मिश्रण) 

मीणा जनजाति

  • निवास – राजस्थान में 
  • मीणा जाति अपनी उत्पत्ति विष्णु के दसवें अवतार से मानती है। 

टोडा जनजाति

  • निवास – नीलगिरी पहाड़ियों पर 
  • भाषा – ‘टोडा’ (कन्नड़ भाषा से संबंधित एक द्रविड़ भाषा है) 
  • टोडा जनजाति में बहुपति(Polyandry) विवाह प्रथा पाया जाता है

युवागृह 

  • जनजातियों की प्रशिक्षण केंद्र (शिक्षा हेतु गुरुकुल की भाँति)
  • इसके सदस्य केवल अविवाहित होते हैं। 
  • युवा गृह के अलग-अलग नाम  
    • मुड़िया जनजाति –‘घोटुल’, 
    • उराँव जनजाति -‘धुमकुरिया’ 
    • बिरहोर जनजाति –‘गितुओना’ 
  • पुस्तक ‘The Muria and Their Ghotul’ में युवागृह के बारे में जानकारी 
    • लेखक –  वेरियर एल्विन (1947 में प्रकाशित)

राज्य एवं संबंधित जनजातियाँ राज्य

राज्य

जनजातियाँ

आध्र प्रदेश 

बंजारा, लंबाडा, सुगाली, कुबी, बगाता, सवारा, चेंच, बकला

बिहार

संथाल, गोंड, थारू, उराँव, खरवार, बीरहोर, कोरबा,

कोरा, कोल, हो

छत्तीसगढ़

गोंड, अगरिया, मुड़िया, अबूझमाड़िया, बैगा, कोरकू, सहरिया, परजा, परधान

गोवा

वेलिप, गावड़ा, सिद्दी, धोडिया, वी

गुजरात

भील, बरदा, कोली, डबरा, खारी, चारन, रथवा

हिमाचल प्रदेश

गद्दी, गुज्जर, भोटिया, बेदा, लांबा, खांपा, डोंबा, गारा,

किन्नौर

जम्मू और कश्मीर

बकरवाल, गुज्जर, सिप्पी, बोट, चांग्पा, मोन, बेदा,  चौपान, गद्दी

झारखंड

संथाल, मुण्डा, हो, उराँव, बिरहोर, कोरवा, बैगा, नगेशिया, असुर

कर्नाटक

वाल्मिकी, नैकड़ा, थेरावा, हक्कीपिक्की, इरूला,

जेनुकुरूबा, टोडा, वर्ली

केरल

पनियन, मविलन, नायर, डाफर, उराली, चेंचू , मोपला,

सुमाली, इरूला 

मध्य प्रदेश

भील, गोंड, भुजिया, बिंझवार, भतरा, हल्बा, कमार,

कोरकू, नागवंशी, ओझा, धुरू,

महाराष्ट्र

कोली, भील, डुंगरी गरसिया, वरली, पोमला

ओडिशा

खोंड, कोल्हा, गोंड, मुंडा, बोंडा, महाली, संथाल, मुआंग,

खारिया, डोंगरिया कोंध 

राजस्थान 

मीणा, भील, कोकना, गरसिया, खारी, पटेलिया, सहरिया

सिक्किम

भोटिया/भूटिया, लिम्बू, लेप्चा, तमांग

तमिलनाडु

टोडा, इरूला, उरेली, कादर

तेलंगाना

सुगाली, लंबाडी, बंजारा, चेंचू, पहाड़ी रेड्डी, कुलिया, थोटी

उत्तर प्रदेश

जौनसारी, थारू, गोंड, सहरिया, खरवार, बुक्सा, पतरी 

उत्तराखंड 

जौनसारी, थारू, बुक्सा, भोटिया, राजी 

पश्चिम बंगाल

संथाल, उराँव, भूमजी, मुण्डा, लोधा 

अरुणाचल प्रदेश

अबोर, डफला, अपातामी, खोवा, गालो, मोम्बा, मिश्मी 

असम

बोरो, मिरी, कार्बी, राभा, कछारी, सोनवल, लुशाई

मणिपुर

कूकी, तांगखुल, थाडो, नागा, मैठी 

मेघालय

गारो, खासी, जयंतिया, भोई, मिकिर

मिजोरम

मिज़ो, पावी, लाखर, चकमा

नागालैंड

नागा, कोन्यक, अंगामी

त्रिपुरा

रियांग, त्रिपुरी, जमालिया, चकमा

अंडमान एवं निकोबार

अण्डमानी, निकोबारी, सेंटलीज़, जारवा, जारना, औंजे,शोम्पेन, येरे, केडे, कोरा, टाबू 

दादरा एवं नागर हवेली

कोकना, वरली, धोडिया 

दमन और दीव

दुबला, वरली, घोडिया, बैकड़ा

लक्षद्वीप

वासी

पुदुच्चेरी

इरुलर (पिल्ली और वेट्टईकरवा सहित)

भारत की जनजातीय जनगणना-2011 

  • जनजातियों की कुल जनसंख्या – 10,42,81,034 
    • कुल जनसंख्या का 8.6 %
  • कुल समूह संख्या (व्यक्तिगत जाति समूह) – 705 
  • जनजातियों में लिंगानुपात – 990 
    • जनजातियों में सर्वाधिक लिंगानुपात – गोवा (1,046) 
    • जनजातियों में सबसे कम लिंगानुपात – जम्मू-कश्मीर (924) 
  • सर्वाधिक अनुसूचित जनजाति(ST) जनसंख्यामध्य प्रदेश में 
  • सर्वाधिक अनुसूचित जनजाति(ST) जनसंख्याकेंद्रशासित प्रदेश 
    • दादरा एवं नागर हवेली 
  • सर्वाधिक अनुसूचित जनजाति जनसंख्या राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में( % के आधार पर) 
    • लक्षद्वीप में सर्वोच्च (94.8%) 
    • दूसरे स्थान पर मिज़ोरम (94.4%)  
  • अपनी कुल जनसंख्या के अनुपात में अनुसूचित जनजातियों का सबसे कम प्रतिशतउत्तर प्रदेश में है। 
  • कोई भी अनुसूचित जनजाति नहीं पाई जाती है।
  • अनुसूचित जनजातियों की साक्षरता दर59 प्रतिशत 
    • (पुरुष-68.5 प्रतिशत, महिला- 49.4 प्रतिशत)
    • 2001 में – 47.1 प्रतिशत थी। 
  • सर्वाधिक अनुसूचित जनजाति जनसंख्या वाले राज्य 
    1. मध्य  प्रदेश
    2. महाराष्ट्र
    3. ओडिशा
    4. राजस्थान
    5. गुजरात
  •  सर्वाधिक अनुसूचित जनजाति जनसंख्या वाले राज्य (प्रतिशत की दृष्टि से)
    1. लक्षद्वीप
    2. मिज़ोरम
    3. नागालैंड
    4. मेघालय
    5. अरुणाचल प्रदेश
  • उत्तर प्रदेश की जौनसारी जनजाति में बहु विवाह व्यवस्था(polygamy) पाया जाता है