संविधान की प्रमुख विशेषताएं silent features of the of the constitution : SARKARI LIBRARY

प्रस्तावना (प्रस्तावना)

  • 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 को ‘मिनी कॉन्स्टिट्यूशन कहा जाता है। 
  • केशवानंद भारती मामले (1973) में सर्वोच्च न्यायालय ने कहा ,अनुच्छेद 368 के तहत संसद को संविधान के मूल ढांचे’ को बदलने की अनुमति नहीं देती।

संविधान की विशेषताएं 

1. सबसे लंबा लिखित

2. विभिन्न स्रोतों से विहित 

3. नम्यता एवं अनम्यता का समन्वय

4. एकात्मकता की ओर झुकाव के साथ संघीय व्यवस्था 

5. सरकार का संसदीय रूप

6. संसदीय संप्रभुता एवं न्यायिक सर्वोच्चता में समन्वय

7. एकीकृत व स्वतंत्र न्यायपालिका

8. मौलिक अधिकार 

9. राज्य के नीति-निदेशक सिद्धांत 

10. मौलिक कर्तव्य

11.एक धर्मनिरपेक्ष राज्य

12.सार्वभौम वयस्क मताधिकार

13. एकल नागरिकता

14. स्वतंत्र निकाय 

15.आपातकालीन प्रावधान

16.त्रिस्तरीय सरकार 

17. सहकारी समितियां 

  • मूल संविधान
  • वर्तमान में संविधान(2016)
  • प्रस्तावना(Preamble) -1  
  • अनुच्छेद(Article) -395 
  • भाग(Part) -22
  • अनुसूचियां(Schedules) – 8
  • प्रस्तावना –1  
  • अनुच्छेद – 465 
  • भाग – 25
  • अनुसूचियां –  12
  • भाग-VII – समाप्त

चार भागों  को जोड़ा गया

  • भागों 4A –
  • भागों 9A-
  • भागों 9B – 
  • भागों 14A –

चार अनुसूचियों को जोड़ा गया

  • अनुसूची – 9
  • अनुसूची – 10
  • अनुसूची – 11
  • अनुसूची – 12

भारतीय संविधान को निम्नांकित नाम दिए गए हैं, 

  • एकात्मकता की भावना में संघ, 
  • अर्थ संघ-के.सी. वेरे 
  • Bargaining Federalism -मॉरिज जोंस 
  • Co-operative Federalism – ग्रेनविल ऑस्टिन
  • Federation with a Centralizing Tendency – आइवर जेनिंग्स 

 

  • संसदीय प्रणाली को सरकार के वेस्टमिंस्टर” रूप, उत्तरदायी सरकार और मंत्रिमंडलीय सरकार के नाम से भी जाना जाता है। 
  • संसद की संप्रभुता का नियम ब्रिटिश संसद से से लिया गया है।
  • न्यायपालिका की सर्वोच्चता का सिद्धांत, अमेरिका से लिया गया है।
  • अमेरिकी संविधान में ‘विधि की नियत प्रक्रिया’ का प्रावधान है, 
  • भारतीय संविधान में विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया’ (अनुच्छेद 21) का प्रावधान है। 
  • संविधान के तीसरे भाग में छह मौलिक अधिकारों का वर्णन किया गया है।

अनुच्छेद

छह मौलिक अधिकार

14-18

समानता का अधिकार 

right to equality

19-22

स्वतंत्रता का अधिकार

right to Liberty

23-24

शोषण के विरुद्ध अधिकार

right against exploitation

25-28

धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार

right to religious freedom

29-30

सांस्कृतिक व शिक्षा का अधिकार

right to cultural and education

32 

संवैधानिक उपचारों का अधिकार

right to constitutional remedies

  • राज्य के नीति-निदेशक सिद्धांत का उद्देश्य भारत में एक ‘कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना है। 
  • मूल संविधान में मौलिक कर्तव्यों का उल्लेख नहीं किया गया है। 
    • इन्हें स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश के आधार पर 1976 के 42वें संविधान संशोधन के माध्यम से 10 मौलिक कर्तव्य  शामिल किया गया था। 
    • 2002 के 86वें संविधान संशोधन ने एक और मौलिक कर्तव्य को जोड़ा।
  • संविधान के 4ए भाग में मौलिक कर्तव्यों का जिक्र किया गया है (जिसमें केवल एक अनुच्छेद 51-क है)। 
  • नीति-निदेशक तत्वों की तरह मौलिक कर्तव्यों को भी कानून रूप में लागू नहीं किया जा सकता।
  • वर्ष 1976 के 42वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष‘ शब्द को जोड़ा गया।
  • राज्य सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता बनाने के लिए प्रयास करेगा (अनुच्छेद-44)
  • 1989 में 61वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1988 के द्वारा मतदान करने की उम्र को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया था। 
  • संविधान में तीन प्रकार के आपातकाल की विवेचना की गई है: 
    • 1.राष्ट्रीय आपातकालः युद्ध, आक्रमण अथवा सशस्त्र (अनुच्छेद-352)
    • 2.राज्य में आपातकाल(राष्ट्रपति शासन): 
      • राज्यों में संवैधानिक तंत्र की असफलता (अनुच्छेद 356) 
      • केन्द्र के निर्देशों का अनुपालन करने में असफलता (अनुच्छेद 365) 
    • 3. वित्तीय आपातकालः(अनुच्छेद 360)
  • वर्ष 1992 में 73वें एवं 74वें संविधान संशोधन ने तीन स्तरीय (स्थानीय) सरकार का प्रावधान किया गया, जो विश्व के किसी और संविधान में नहीं है।
  • संविधान में एक नए भाग (9वें) एवं नई अनुसूची (11वीं) जोड़कर वर्ष 1992 के 73वें संविधान संशोधन के माध्यम से पंचायतों को संवैधानिक मान्यता प्रदान की गई। इसमें एक नया भाग 9 जोड़ा गया। 
  • 74वें संविधान संशोधन विधेयक, 1992 ने एक नए भाग 9ए तथा नई अनुसूची 12वी को जोड़कर नगरपालिकाओं (शहरी स्थानीय सरकारें) का संवैधानिक मान्यता प्रदान की।
  • 97वां संविधान संशोधन अधिनियम 2011 ने सहकारी समितियों को संवैधानिक दर्जा और संरक्षण प्रदान किया। 
    • सहकारी समिति गठित करने के अधिकार को मौलिक अधिकार बना दिया (अनुच्छेद 19)
    • सहकारी समितियों प्रोत्साहन देने के लिए एक नया राज्य का नीति निदेशक तत्व जोड़ा (अनुच्छेद 43-B) 
    • इसने संविधान में एक नया भाग IX-B जोड़ा “सहकारी समितियां” (The Co-operative Societies) शीर्षक से (अनुच्छेद 243 ZH से लेकर 243-ZT तक)

भाग

विषय

अनुच्छेद 

1

I

संघ और उसका राज्य क्षेत्र 

1-4

2

II

नागरिकता 

5-11

3

III

मौलिक अधिकार 

12-35

4

IV

राज्य की नीति के निदेशक तत्व 

36-51

5

IV A

मौलिक कर्तव्य 

42nd amd act ,1976 -(10)

86nd amd act ,2002 -(1)

51A

6

V

संघ सरकार

अध्याय-I-कार्यपालिका (52-78)

अध्याय-II-संसद (79-122)

अध्याय-III-राष्ट्रपति की विधायी शक्तियां (123)

अध्याय-IV-संघ की न्यायपालिका (124-147)

अध्याय-V-भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (148-151)

52-151

7

VI

राज्य सरकारें 

अध्याय-I-साधारण (152)

अध्याय-II-कार्यपालिका (153-167)

अध्याय-III-राज्य का विधानमंडल (168-212)

अध्याय-IV-राज्यपाल की विधायी शक्तियां(213)

अध्याय-V-राज्यों के उच्च न्यायालय(214-232) 

अध्याय-VI-अधीनस्थ न्यायालय (233-237)

152-237

VII

राज्यों से संबंधित पहली अनुसूची का खंड-ख (निरस्त) (7th Amd Act,1956)

238

8

VIII

संघ राज्य क्षेत्र 

239-242

9

IX

पंचायतें (73rd Amd Act,1992)

243-243

10

IX A

नगरपालिकाएं  (74th Amd Act,1992)

243-243

11

IX B

सहकारी समितियां  (97rd Amd Act,2011)

243-243

12

X

अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्र

244-244

13

XI

संघ और राज्यों के बीच संबंध

अध्याय-I-विधायी संबंध (245-255)

 अध्याय-II-प्रशासनिक संबंध (256-263)

245-263

14

XII

वित्त, संपत्ति, संविदायें और वाद 

अध्याय-I-वित्त 

अध्याय-II-ऋण लेना 

अध्याय-III-संपत्ति, संविदायें, अधिकार, बाध्यताएं और वाद 

अध्याय-IV-संपत्ति का अधिकार 

264-300

15

XIII

भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर व्यापार, वाणिज्य एवं समागम 

301-307

16

XIV

संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं 

अध्याय-I-सेवायें (308-314)

अध्याय-II-लोक सेवा आयोग (315-323)

308-323

17

XIV A

अधिकरण(Tribunal) (42nd Amd Act,1976)

323

18

XV

निर्वाचन 

324-329

19

XVI

कुछ वर्गों से सम्बन्धित विशेष प्रावधान 

330-342

20

XVII

राजभाषा 

अध्याय-I-संघ की भाषा (343-344)

अध्याय-II-प्रादेशिक भाषाएं (345-347)

अध्याय-III-सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय आदि की भाषा (348-349)

अध्याय-IV-विशेष निदेश(350-351)

343-351

21

XVIII

आपात उपबंध 

352-360

22

XIX

प्रकीर्ण

361-367

23

XX

संविधान का संशोधन

368

24

XXI 

अस्थायी, संक्रमणशील और विशेष उपबंध

369-392

25

XXII

संक्षिप्त नाम, प्रारंभ, हिंदी में प्राधिकृत पाठ और निरसन

393-395

संविधान की अनुसूचियों पर एक नजर 

विषय

अनुच्छेद

प्रथम अनुसूची

1. राज्यों के नाम एवं उनके न्यायिक क्षेत्र 

2. संघ राज्य क्षेत्रों के नाम और उनकी सीमाएं 

1,4

दूसरी अनुसूची

परिलब्धियां पर भत्ते, विशेषाधिकार और इससे संबंधित प्रावधान

1. भारत के राष्ट्रपति 

2. राज्यों के राज्यपाल 

3. लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष 

4. राज्यसभा के सभापति और उप-सभापति 

5. राज्य विधानसभाओं के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष 

6. राज्य विधान परिषदों के सभापति और उप-सभापति 

7. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश 

8. उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश 

9. भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक

तीसरी अनुसूची

इसमें विभिन्न उम्मीदवारों द्वारा ली जाने वाली शपथ या प्रतिज्ञान के प्रारूप दिए गए हैं। ये उम्मीदवार हैं:

1. संघ के मंत्री 

2. संसद के लिए निर्वाचन हेतु अभ्यर्थी 

3. संसद के सदस्य 

4. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश 

5. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक 

6. राज्य मंत्री 

7. राज्य विधानमण्डल के लिए निर्वाचन के लिए अभ्यर्थी

8. राज्य विधानमण्डल के सदस्य 

9. उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश

चौथी अनुसूची

राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए राज्यसभा में सीटों का आवंटन। 

4,80

पांचवीं अनुसूची 

अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन तथा नियंत्रण के बारे में उपबंध 

244

छठी अनुसूची

असम, मेघालय , त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन के बारे में उपबंध

244,275

सातवीं अनुसूची

राज्य और केंद्र के मध्य शक्तियों का विभाजन।

  • संघ सूची – 100 विषय(मूल 97) 
  • राज्य सूची- 61 विषय (मूल 66 ) 
  • समवर्ती सूची – 52 विषय(मूल 47 ) 

246

आठवीं अनुसूची

संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त भाषाएं 

  • वर्तमान में –  22 भाषाएं (मूल  14)

ये भाषाएं हैंअसमिया, बांग्ला, बोडो, डोगरी, गुजराती, हिन्दी, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, संथाली, सिंधी, तमिल, तेलुगू तथा उर्दू, 

  • सिंधी भाषा1967 के 21वें संशोधन अधिनियम 
  • कोंकणी/मणिपुरी/नेपाल1992 के 71वें संशोधन अधिनियम द्वारा 
  • बोड़ो/डोगरी/मैथिली/संथाल2003 के 92वेंसंशोधन अधिनियम द्वारा 
  • ‘उड़िया’ का नाम बदलकर 2011 में ‘ओडिया’ कर दिया।

344 एवं 351

नवीं अनुसूची 

  • भू-सुधारों और जमींदारी प्रणाली के उन्मूलन से संबंधित 
  • इस अनुसूची को पहले संशोधन (1951) द्वारा जोड़ा गया था। 
  • वर्ष 2007 में उच्चतम न्यायालय ने निर्णय दिया कि इस अनुसूची में 24 अप्रैल, 1975 के बाद सम्मिलित कानूनों की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है।

31 B

दसवीं अनुसूची 

  • दल-बदल के आधार पर संसद और विधानसभा के सदस्यों की निरर्हता के बारे में उपबंध, 
  • इस अनुसूची को 52वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1985द्वारा जोड़ा गया। 
  • इसे दल-परिवर्तनरोधी कानून भी कहा जाता है।

102,191

ग्यारहवीं अनुसूची

  • पंचायत की शक्तियां, प्राधिकार व जिम्मेदारियां। 
  • इसमें 29 विषय हैं । 
  • इस अनुसूची को 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ा गया

243-छ

बारहवीं अनुसूची

  • नगरपालिकाओं की शक्तियां, प्राधिकार व जिम्मेदारियां । 
  • इसमें 18 विषय हैं । 
  • इस अनुसूची को 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ा गया

243-ब

संविधान के स्रोत, एक नजर में

स्रोत 

ली गयी विशेषताएं

1. भारत शासन अधिनियम, 1935

  • संघीय तंत्र
  • राज्यपाल का कार्यालय 
  • न्यायपालिका 
  • लोक सेवा आयोग
  • आपातकालीन उपबंध  
  • प्रशासनिक विवरण

2. ब्रिटेन 

  • संसदीय शासन 
  • विधि का शासन 
  • विधायी प्रक्रिया 
  • एकल नागरिकता 
  • मंत्रिमण्डल प्रणाली 
  • परमाधिकार लेख 
  • संसदीय विशेषाधिकार 
  • द्विसदनवाद 

3. संयुक्त राज्य अमेरिका 

  • मूल अधिकार 
  • न्यायापालिका की स्वतंत्रता, 
  • न्यायिक पुनरावलोकन का सिद्धांत 
  • उप-राष्ट्रपति का पद
  • उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का पद से हटाया जाना (महाभियोग)
  • राष्ट्रपति पर महाभियोग।

4. आयरलैंड 

  • राज्य के नीति-निदेशक सिद्धांत
  • राष्ट्रपति की निर्वाचन पद्धति 
  • राज्य सभा के लिए सदस्यों का नामांकन

5. कनाडा 

  • सशक्त केन्द्र के साथ संघीय व्यवस्था, 
  • अवशिष्ट शक्तियों का केन्द्र में निहित होना 
  • केन्द्र द्वारा राज्य के राज्यपालों की नियुक्ति 
  • उच्चतम न्यायालय का परामर्शी न्याय निर्णयन 

6. ऑस्ट्रेलिया 

  • समवर्ती सूची, 
  • व्यापार, वाणिज्य और समागम की स्वतंत्रता 
  • संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक।

7. जर्मनी 

  • आपातकाल के समय मूल अधिकारों का स्थगन।

8. सोवियत संघ/ रूस 

  • मूल कर्तव्य 
  • प्रस्तावना में न्याय 

(सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक) 

9. फ्रांस 

  • गणतंत्रात्मक 
  • प्रस्तावना में स्वतंत्रता समता और बंधुता 

10. दक्षिणी अफ्रीका 

  • संविधान में संशोधन की प्रक्रिया 
  • राज्यसभा के सदस्यों का निर्वाचन

11. जापान 

  • विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया।