लोकपाल एवं लोकायुक्त Lokpal and Lokayukta : SARKARI LIBRARY

लोकपाल एवं लोकायुक्त 

  • दुनिया में नागरिक शिकायतों के निवारण के लिए सबसे पुरानी लोकतांत्रिक संस्था स्कैण्डेनेवियन देशों की संस्था ओमबड्स मैन है। 
  • ओमबुड्समैन संस्था पहली बार 1809 में स्वीडन में  गठित की गई थी। 
  • ओमबुड् (Ombud) एक स्वीडिश शब्द है जो एक ऐसे व्यक्ति की ओर इंगित करती है जो कि किसी अन्य व्यक्ति के प्रतिनिधि अथवा प्रवक्ता के रूप में कार्य करता है। 
  • ओम्बड्समैन, सरकार द्वारा भ्रष्टाचार पर नियंत्रण तथा नागरिकों के शिकायतों के निवारण एवं उनकी शिकायतों को अदालत प्रणाली से बाहर निष्पक्ष तरीके से निपटाया जा सके ,हेतु नियुक्त किया जाता है। 

लोकपाल/लोकायुक्त (Ombudsman/Lokpal)/(Lokayukta)

  • 1966 में प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग ने  नागरिकों की समस्याओं के समाधान हेतु दो विशेष प्राधिकारियों लोकपाल व लोकायुक्त की नियुक्ति की की सिफारिश गई। 
  • प्रशासनिक सुधार आयोग ने न्यूजीलैंड की तरह न्यायालयों को लोकायुक्त व लोकपाल के दायरे से बाहर रखा है। 
  • प्रशासनिक सुधार आयोग के अनुसार, राष्ट्रपति ,भारत के मुख्य न्यायाधीश, लोकसभा अध्यक्ष व राज्यसभा के सभापति की सलाह पर लोकपाल की नियुक्ति करता है।

भारत सरकार ने इस संबंध में प्रशासनिक सुधार आयोग की सिफारिशों को स्वीकार किया। 

लोकपाल तथा लोकायुक्त अधिनियम, 2013 (Lokpal and Lokayukta Act, 2013)

  • अन्ना हज़ारे के नेतृत्व में ‘भ्रष्टाचार के विरुद्ध भारत आंदोलन’ ने सरकार पर दवाब बनाया और इसके परिणामस्वरूप संसद के दोनों सदनों में लोकपाल व लोकायुक्त विधेयक, 2013 पारित हुआ।
  • राज्यसभा ने इसे 17.12.2013 को पारित किया, लोकसभा से 18.12.2013 को पारित एवं राष्ट्रपति ने 1.01.2014 को सहमति दी।   
  • यह बिल 16 जनवरी, 2014 से लागू हो गया। 
  • ये संस्थाएँ बिना किसी संवैधानिक दर्जे वाले वैधानिक निकाय हैं।
  • ये  कुछ निश्चित श्रेणी के सरकारी अधिकारियों के विरुद्ध लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच करते हैं।

प्रमुख बिंदु 

लोकपाल तथा लोकायुक्त एक्ट, 2013 के मुख्य बिंदु हैं: 

1. इसके तहत केंद्र में लोकपाल एवं राज्यों में लोकायुक्त का नियुक्त करना है। 

  • लोकपाल के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत प्रधानमंत्री, मंत्रीगण, संसद सदस्य और A,B,C और D श्रेणी के अफसर तथा केंद्र सरकार के अफसर आते हैं। 

2. लोकपाल का एक अध्यक्ष होगा तथा अधिकतम 8 सदस्य होंगे जिनमें 50% न्यायिक सेवा के होंगे। 

3. लोकपाल के 50% सदस्य,SC,ST,OBC,अल्पसंख्यक तथा स्त्रियों के बीच से होंगे। 

4.एक चयन समिति द्वारा लोकपाल का अध्यक्ष तथा इसके सदस्यों का चयन किया जाता है 

  • प्रधानमंत्री 
  • लोकसभा अध्यक्ष 
  • लोकसभा में विपक्ष का नेता 
  • भारत के मुख्य न्यायाधीश या उनके द्वारा नामित सर्वोच्च न्यायालय का कार्यरत न्यायाधीश 
  • राष्ट्रपति द्वारा चयनित प्रख्यात न्यायविद 
  • लोकपाल तथा सदस्यों के चुनाव के लिये चयन समिति कम-से-कम आठ व्यक्तियों का एक सर्च पैनल (खोजबीन समिति) गठित करती है।

5.प्रधानमंत्री को भी लोकपाल के दायरे में लाया गया है।  

6. लोकपाल के दायरे (अधिकार क्षेत्र) में सभी वर्गों के सरकारी कर्मचारी है- ग्रुप A, B, C तथा D अधिकारियों सहित। 

  • सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश पिनाकी चंद्र घोष को देश का  पहला लोकपाल नियुक्त किया गया 

 

लोकायुक्त 

  • लोकपाल तथा लोकायुक्त ऐक्ट 2013 के कानूनी रूप मिलने के बहुत पहले कई राज्यों ने अपने राज्य में लोकायुक्त नियुक्त कर रखे थे। 
  • सर्वप्रथम लोकायुक्त का गठन 1971 में महाराष्ट्र में हुआ था। 

 

लोकायुक्त के विभिन्न पहलू निम्नानुसार हैं:

नियुक्ति 

  • संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है। 
  • इनकी नियुक्ति के समय राज्यपाल द्वारा निम्न से परामर्श लेना अनिवार्य है।

(अ) राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से, और 

(ब) राज्य विधानसभा में विषक्ष के नेता से परामर्श अनिवार्य है।

योग्यता

  • अधिकांश राज्यों में  योग्यता निर्धारित की गई है परंतु कई राज्यों में विशिष्ट योग्यता निर्धारित नहीं है।

कार्यकाल 

  • अधिकांश राज्यों में लोकायुक्तों का कार्यकाल पांच वर्ष अथवा 65 वर्ष निर्धारित है। 
  • वह पुनर्नियुक्ति का पात्र नहीं होता है। 

 

अधिकार क्षेत्र 

विभिन्न राज्यों में लोकायुक्तों के कार्यक्षेत्र में समानता नहीं है। 

1. अधिकांश राज्यों में मुख्यमंत्री को लोकायुक्त की परिधि में रखा गया है, जबकि कुछ में यह लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। 

2. मंत्रियों पूर्व मंत्रियों उच्च अधिकारियों व कर्मचारियों को लगभग सभी राज्यों के लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र में रखा गया है। 

3. विधानसभा सदस्यों को लोकायुक्त के दायरे में रखा गया है। 

4. स्थानीय निकायों, निगमों, कंपनियों, समितियों के अधिकारियों को लोकायुक्त के जांच की परिधि में रखा गया है। 

 

अन्य विशेषतायें 

1. लोकायुक्त, संबंधित राज्य के राज्यपाल को रिपोर्ट देते हैं। राज्यपाल रिपोर्ट को  सदन में प्रस्तुत करता है। लोकायुक्त राज्य विधायिका के प्रति उत्तरदायी होते हैं। 

4. लोकायुक्त की सिफारिशें केवल सलाहकारी होती हैं। वे राज्य सरकार लिए बाध्यकारी नहीं है।

 

राज्यों में लोकायुक्त की स्थापना (कालानुक्रम में) 

राज्य/संघशासित प्रदेश

स्थापना वर्ष 

ओडिशा

1970

महाराष्ट्र 

1971 

राजस्थान 

1973

बिहार

1974 

उत्तर प्रदेश

1975 

मध्य प्रदेश

1981 

आंध्र प्रदेश

1983 

हिमाचल प्रदेश

1983 

कर्नाटक

1985 

असम

1985 

गुजरात

1986 

पंजाब

1995 

दिल्ली

1995 

केरल

1999 

झारखंड

2001 

छत्तीसगढ

2002 

हरियाणा

2002 

उत्तराखण्ड

2002 

जम्मू और कश्मीर

2002 

पश्चिम बंगाल

2003 

त्रिपुरा

2008 

गोवा

2011