झारखण्ड के उद्योग Industries OF Jharkhand : SARKARI LIBRARY

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झारखण्ड की औद्योगिक नीति

  • झारखण्ड की औद्योगिक नीति 2001 
    • 1 MARCH 2001 sarkarilibrary.in
  • झारखण्ड की नयी औद्योगिक नीति 2012
  • झारखण्ड औद्योगिक एवं निवेश संवर्द्धन नीति 2016
  • झारखंड औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीति -2021
    • एक अप्रैल 2021 से पांच वर्षों के लिए लागू

झारखण्ड में लौह एवं इस्पात उद्योग (Iron and Steel Industry)

टाटा आयरन एण्ड स्टील कंपनी (Tata Iron & Steel Company – TISCO)

  • स्थापना – 1907 ई. में, साकची (जमशेदपुर) में, पूर्वी सिंहभूम  
    • दोराबजी टाटा द्वारा sarkarilibrary.in
    • स्वर्णरेखा एवं खरकई नदी के संगम पर 
    • लोहे का उत्पादन प्रारंभ –  1911  में 
    • इस्पात का उत्पादन प्रारंभ – 1914 ई. में  (अन्य – 16 feb 1912 )
  • टाटा स्टील का  संस्थापक – जमशेदजी नौशेरवानजी टाटा
    • टाटा स्टील की स्थापना का प्रारंभिक विचार नौशेरवानजी टाटा का था
    • TATA GROUP की स्थापना 1868 में जमशेदजी नुसरवानजी टाटा ने की थी
    • नुसरवानजी टाटा ने 1900 में भारत सचिव जार्ज हैमिलटन से मिलकर टाटा स्टील की स्थापना अनुमति लिया था।
    • 1919 में वाइसराय चैम्सफोर्ड ने साकची का नाम बदलकर जमशेदपुर किया था।
    • जमशेदजी टाटा का जन्म – 3 मार्च 1839
      • 3 मार्च – टाटा स्टील का स्थापना दिवस  
    • नौशेरवानजी टाटा का मृत्यु-  19 मई 1904 में sarkarilibrary.in
  • टाटा स्टील का वास्तविक संस्थापक – दोराबजी टाटा
  • Jehangir Ratanji Dadabhoy Tata (JRD TATA)
    • टाटा स्टील की दूसरे चेयरमैन
    • 1992 में भारत रत्न से सम्मानित
  • Ratan Naval Tata (Ratan  Tata)
    • 2008 में पदम विभूषण  से सम्मानित
  • भारत का पहला तथा सबसे बड़ा लौह एवं इस्पात संयंत्र 
  • एशिया का प्रथम  निजी क्षेत्र का लौह एवं इस्पात संयंत्र 
  • 2005 में TISCO का नाम बदल कर Tata Steel कर दिया गया है।
  • TISCO को विभिन्न खनिजों की प्राप्ति
    • कच्चा लोहा – 
    • कोकिंग कोयला
      • रानीगंज (उड़ीसा) से
      • झरिया से,धनबाद
    • चूना पत्थर एवं डोलोमाइटसुंदरनगर (उड़ीसा) से
    • मैंगनीज एवं नोमाइटचाईबासा खान से(पश्चिमी सिंहभूम)
  • TELCO की स्थापना – 1945 में,जमशेदपुर में
    • ‘टाटा इंजीनियरिंग एंड लोकोमोटिव’
    • TELCO का नाम बदल कर 2003 में  TATA MOTORS कर दिया गया है।
  • TATA  की अन्य सहायक कंपनी 
    • टिनप्लेट – 1920
    • टाटा अग्रिको – 1925
    • उषा मार्टिन लिमिटेड जमशेदपुर
      • TATA द्वारा अधिग्रहण – 2018 में 
      • उषा मार्टिन रांची TATA से स्वतंत्र है 
        • वायर एवं रोपवे वायर का निर्माण

(b) बोकारो स्टील प्लांट(Bokaro Steel Plant) 

  • स्थापना – 1964 ई. (29 जनवरी) में, बोकारो के माराफारी
    • रूस (सोवियत यूनियन) की सहायता से
    • तीसरी पंचवर्षीय योजना के तहत
  • झारखण्ड का दूसरा बड़ा  लौह-इस्पात उद्योग
  • भारत का पहला स्वदेशी स्टील संयंत्र sarkarilibrary.in
  • भारत का चौथा बड़ा लौह-इस्पात संयंत्र है। 
  • संयंत्र में आग की प्रथम भट्टी स्थापित – 1972 ई. (2 अक्टूबर) में
    • उत्पादन प्रारंभ – 1974 ई. से
    • 26 फरवरी, 1978 को यहाँ से 1.7 मीट्रिक टन Ignot Steel का उत्पादन पूर्ण हुआ।
  • संयंत्र दामोदर नदी घाटी के तेनुघाट और गरगा डैम के समीप अवस्थित है।
  • यह SAIL के अंतर्गत कार्यरत है।
  • संयंत्र को विभिन्न खनिजों की प्राप्ति
    • कोकिंग कोयला – झरिया से 
    • लौह अयस्क sarkarilibrary.in
    • चूना पत्थर /डोलोमाइट
      • कुटेश्वर , मध्य प्रदेश से
      • भवनाथपुर,गढ़वा
      • तुलसीदामर , गढ़वा
      • डोलोमाइट – विरमित्रा पुर ओडिशा 
    • धुले हुए कोयले (Washed coal) की आपूर्ति – दुग्दा, कथारा, करगली और गिद्दी स्थित विभिन्न वाशरियों से
    • कच्चा कोयला – झरिया कोयला क्षेत्रों से sarkarilibrary.in
  • सार्वजनिक क्षेत्र का चौथा एकीकृत संयंत्र – बोकारो स्टील प्लांट – ने सोवियत संघ के सहयोग से 1965 में आकार लेना शुरू किया।
  • इसे मूल रूप से 29 जनवरी 1964 को एक सीमित कंपनी( limited company) के रूप में शामिल किया गया था, और बाद में सार्वजनिक क्षेत्र की आयरन एंड स्टील कंपनी (पुनर्गठन और विविध प्रावधान) अधिनियम 1978 के माध्यम से इसे SAIL में विलय कर दिया गया।
    • SAIL का पूर्व नाम – हिंदुस्तान स्टील लिमिटेड 
    • गठन – 19 जनवरी 1954
    • SAIL नामकरण हुआ  – 24 जनवरी 1973 
  • निर्माण कार्य-  6 अप्रैल 1968 को शुरू हुआ।
जिंदल स्टील एवं पावर , पतरातू रामगढ 
  • नलकारी नदी किनारे ,पतरातू डैम के समीप

MECON Limited

  • 1959 में रांची डोरंडा में स्थापित
  • केंद्रीय इस्पात मंत्रालय के अधीन

ESL Steel Limited

  • ESL को 2006 में एक सार्वजनिक लिमिटेड कंपनी के रूप में शामिल किया गया था, जिसका परिचालन बोकारो में हुआ था।
  • जून 2018 में, वेदांता लिमिटेड ने ESL Steel Limited का प्रबंधन नियंत्रण हासिल कर लिया .

झारखण्ड में तांबा उद्योग (Copper Industry)

  • भारत का प्रथम तांबा उद्योग – 1924 ई. में स्थापित
    • झारखण्ड के मऊभंडार ,घाटशिला (EAST सिंहभूम जिला) में  sarkarilibrary.in
  • खानों से तांबा के अयस्क को मउभण्डरा (East singhbhum) भेजा जाता है जहाँ इनसे शुद्ध तांबा निकाला जाता है। 
  • घाटशिला  तांबा शोधन केन्द्र स्थापित – 1930 में,घाटशिला
    • इंडियन कॉपर कॉरपोरेशन (Indian Copper Corporation) ने 
  • झारखण्ड में तांबा उद्योग के अन्य महत्वपूर्ण केन्द्र
  • हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड(HCL)- 1972  में,जादूगोड़ा ,(EAST सिंहभूम)
    • इंडियन कॉपर कॉरपोरेशन का विलय 1972 में 
  • इंडियन केबल कंपनी लिमिटेड – जमशेदपुर 
  • तांबा के क्षेत्र – तुरामडीह , राखा , मुसाबनी , केंदडीह , चपरि
  • तांबा के अयस्क –

 

झारखण्ड में एलुमिनियम उद्योग (Aluminium Industry)

  • भारत में एलुमिनियम अयस्क (एलुमिना) का 16% भाग झारखण्ड से प्राप्त होता है।
  • मुरी (राँची) : 1948 में  में  इंडियन एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड(INDAL) द्वारा सुरु   sarkarilibrary.in
    • भारत की पहली एल्यूमिना रिफाइनरी
    • भारत का दूसरा सबसे पुराना एवं दूसरा सबसे बड़ा संयंत्र है।
    • 7 मार्च 2005 में, हिंडाल्को ने INDAL का अधिग्रहण करने के बाद संयंत्र का अपने साथ विलय कर लिया।
    • यह संयंत्र रांची से 65 किमी दूर मुरी में स्वर्णरेखा नदी के तट पर स्थित है।
    • बॉक्साइट की प्राप्ति: लोहरदगा और पलामू से
      • बगरू हिल्स – लोहरदगा
      • गुरदरी हिल्स – गुमला
      • सेरेंगदाग माइंस – गुमला
    • बॉक्साइट से एलुमिना बनाकर इसे अलमपुरम एवं अलवाय (केरल), बेलूर (कोलकाता) और लेई (मुंबई) के कारखानों में भेज दिया जाता है।

झारखण्ड में सीमेंट उद्योग (Cement Industry)

  • सीमेंट उद्योग हेतु कच्चा मॉल – चूना पत्थर
    • चूना पत्थर के प्रचुर भंडार – गढ़वा ,पलामू लातेहार हज़ारीबाग रामगढ रांची सिंघभूम 
  • झारखण्ड के सीमेंट उद्योग sarkarilibrary.in
    • जपला (पलामू)
      • झारखण्ड में प्रथम सीमेंट फैक्ट्री –  स्थापना 1917 में
      • मार्टिन बर + सोन वैली पोर्टलैंड सीमेंट द्वारा
      • कार्य प्रारम्भ – 1921
      • 1991 से बंद है
      • 17 मई 2018 को नीलामी पटना हाई कोर्ट के आदेश से
    • ACC CEMENT – सिंदरी (धनबाद), चाईबासा , झींकपानी (पश्चिमी सिंहभूम), खलारी (राँची)
    • Dalmia CEMENT – बोकारो
    • Lafarge (NUVOCO ) CEMENT- जोजोबेरा , जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम)
    • Shree CEMENT – खरसावां 
    • Shree Durga CEMENT – रामगढ (बर्नपुर )
      • रूंगटा ग्रुप की कंपनी
    • डोमोटांड (हजारीबाग)
  • स्लैग (Slag) एवं स्लज (Sludge) का उपयोग सीमेंट निर्माण हेतु – सिंदरी, बोकारो, झींकपानी एवं जमशेदपुर के कारखानों में  
  • सीमेंट कारखानों के उपउत्पाद– स्लैग तथा स्लेज
  • झारखण्ड में झींकपानी एवं जमशेदपुर : लाफार्ज सीमेंट कारखाना
    • लौह-इस्पात उद्योग के अवशिष्ट पर आधारित सीमेंट संयंत्र हैं।

 

झारखण्ड में इंजीनियरिंग उद्योग (Engineering Industry)

हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (Heavy Engineering Corporation – HEC) 

  • स्थापना –  1958 ई. (31 दिसंबर) में, राँची के हटिया,
    • भारत सरकार द्वारा रूस एवं चेकोस्लोवाकिया के सहयोग से
    • कंपनी अधिनियम, 1956 के अंतर्गत  
    • राष्ट्र को समर्पित : 15 नवंबर, 1963 को, जवाहरलाल नेहरू ने,राँची यात्रा के दौरान
    • आधुनिक भारत का मंदिर कहा – जवाहरलाल नेहरू ने
    • उत्पादन प्रारंभ :  1964 ई. में
  •  कारखानों के लिए मशीनों, कल-पुर्जे आदि इंजीनियरिंग वस्तुओं का निर्माण 
  • तीन संयंत्रों की स्थापना  sarkarilibrary.in
    • हैवी मशीन बिल्डिंग प्लांट (HMBP)- रूस की सहायता से
    • हैवी मशीन टूल्स प्लांट (HMTP)- चेकोस्लोवाकिया की सहायता से
    • फांउड्री फोर्ज प्लांट (FFP) – चेकोस्लोवाकिया की सहायता से
    • प्रोजेक्ट्स डिवीज़न
    • CEFC Foundation की स्थापना – 6 जून 2018 को
      • प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र
      • रूस का अनुसंधान केंद्र (CNIITMASH) के साथ समझौता के तहत निर्माण

इंडियन एक्सप्लोसिव फैक्ट्री – गोमिया (बोकारो)

  • स्थापना –  5 नवम्बर 1958 ई.
  • इंपीरियल केमिकल इंडस्ट्री (ऑस्ट्रेलियन कंपनी) के साथ मिलकर भारत सरकार ने
  • भारत का पहला विस्फोटक कारखाना
  • उद्घाटन –  देश के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने
  • 1998 में नाम परिवर्तन (नया नाम)ओरिका

झारखण्ड में कोयला धोवन उद्योग (Coal Washeries Industry)

  • कोयला धोवन गृहों के द्वारा कोयले से शेल, फायरक्ले आदि अशुद्धियों को दूर किया जाता है। 
  • प्रमुख कोयला धोवन केन्द्र – जामाडोबा, बोकारो, लोदला, करगाली, दुगदा, पाथरडीह, कर्णपुरा आदि
  • एशिया की सबसे बड़ी कोल वाशरी – करगाली कोल वाशरी (बोकारो)

झारखण्ड में उर्वरक उद्योग (Fertilizer Industry)

  • भारत का प्रथम उर्वरक कारखाना (FCIL) –  2 मार्च 1951  में, सिंदरी (धनबाद) में,
    • उद्घाटन – जवाहर नेहरू जी
    • संचालन – 1961 फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन ऑफ इण्डिया द्वारा स्थापित  
    • पूर्वी भारत का सबसे बड़ा उर्वरक कारखाना है।
    • उत्पादन : अमोनियम सल्फेट, नाइट्रेट एवं यूरिया का  
    • मार्च 2002 से लेकर 2022 तक बंद रहा
    • 2015 में पुनःजीवित करने की कोशिश
      • SAIL ने  प्रस्ताव नामंजूर
    • पुनःजीवित करने की जिम्मेदारी:  हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड() की
      • हिंदुस्तान उर्वरक और रसायन लिमिटेड (HURL) स्थापना –  15 जून, 2016 को
      • 25 मई 2018 को नरेंद्र मोदी ने इसकी आधारशिला रखी
      • 5 नवंबर 2022 से उत्पादन पुण प्रारंभ
      • नीम कोटेड यूरियाअमोनिया का उत्पादन शुरू

 

झारखण्ड में काँच उद्योग (Lead Industry)

  • झारखण्ड का पहला ग्लास फैक्ट्री :  1942 में, कांड्रा (सिंहभूम) में, हरिश्चंद्र वार्ष्णेय के द्वारा स्थापित ।
    • यह फैक्ट्री 1992 से बंद पड़ी है
  • भारत में कांच उद्योग का जनक – ईश्वर दास वार्ष्णेय(हरिश्चंद्र वार्ष्णेय के पिता )
  • झारखण्ड का दूसरा  ग्लास फैक्ट्री : रामगढ़के भदानी  नगर में 
    • गुलसरण भदानी द्वारा 1952 में स्थापित 
    • 1952 -57 में Indo-Ashai Glass Factory (जापान ) को बेच दिया 
    • 1991 से बंद है
  • झारखण्ड में काँच उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र :
    • कतरासगढ़ व अम्बोना (धनबाद) – खंडेलवाल ग्लास फैक्ट्री 
    • कान्द्रा (सिंहभूम) sarkarilibrary.in
  • कच्चे माल की प्राप्ति : राजमहल पहाड़ी क्षेत्र, मंगल घाट एवं पत्थर घाट

 

झारखण्ड में रिफ्रैक्ट्री उद्योग (Refractory Industry)

  • इस उद्योग के अंतर्गत उच्च ताप सहन करने वाली धमन भट्टियों का निर्माण किया जाता है
  • प्रयोग – लौह-इस्पात उद्योग सहित विभिन्न उद्योगों में किया जाता है। sarkarilibrary.in
  • झारखण्ड में उद्योगों का विकास – चिरकुंडा, कुमारधुबी, धनबाद, राँची रोड, मुग्मा आदि
  • दामोदर घाटी क्षेत्र में पायी जाने वाली मिट्टी इस उद्योग की स्थापना हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण है।

 

झारखण्ड में वन आधारित उद्योग 

1. लाह उद्योग (Lac Industry) 

  • भारत में कुल लाह का 60% उत्पादन झारखण्ड राज्य से होता है। लाह उत्पादन की दृष्टि से भारत में झारखण्ड का स्थान प्रथम* है।  sarkarilibrary.in
  • कुसुम, पलाश, बेर आदि के पौधों पर लाह के कीड़ों का पालन किया जाता है। 
  • पलामू प्रमण्डल लाह उत्पादन की दृष्टि से प्रथम स्थान पर है। इसके बाद क्रमशः राँची व पश्चिमी जिले का स्थान है।
  •  टोरी (लातेहार) का लाह निर्यात की दृष्टि से विश्व में प्रथम स्थान है। 
  • झारखण्ड में कुल लाह उत्पादन का 90% निर्यात कर दिया जाता है। लाह उत्पादन की दृष्टि से राज्य में खूटी का स्थान प्रथम है।*
  • 1925 ई. में नामकुम (राँची) में भारतीय लाह अनुसंधान संस्थान की स्थापना की गई थी। 

2. रेशम उद्योग (Silk Industry) 

  • झारखण्ड में देश का 76.4% तसर रेशम उत्पादित किया जाता है।
  • रेशम उत्पादन की दृष्टि से प्रमुख क्षेत्र सिंहभूम (40%) संथाल परगना (26%) तथा हजारीबाग (13%) हैं। 
  • राज्य में तसर रेशम का उत्पादन मुख्यत: चाईबासा, खरसावां, जमशेदपुर, मेदिनीनगर, हजारीबाग, लोहरदगा, दुमका आदि स्थानों पर किया जाता है। sarkarilibrary.in
  • राँची में नगड़ी नामक स्थान पर ‘तसर अनुसंधान केंद्र’ अवस्थित है।

3. तंबाकू उद्योग (Tobacco Industry)

  • तंबाकू उद्योग – बीड़ी उद्योग के रूप में
  • बीड़ी का निर्माण – केन्दु पत्ता एवं तंबाकू से
  • बीड़ी उद्योग का विकास – सरायकेला, जमशेदपुर, चक्रधरपुर एवं संथाल परगना में

 

 

झारखण्ड में औद्योगिक पट्टी

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औद्योगिक पट्टी 

विशेषता

अभ्रक औद्योगिक पट्टी

• भारत की सबसे बड़ी अभ्रक औद्योगिक पट्टी

• विस्तार – कोडरमा, झुमरी तिलैया, गिरिडीह 

दामोदर घाटी औद्योगिक पट्टी

अन्य नाम – बोकारो-धनबाद औद्योगिक पट्टी 

• झारखण्ड की सबसे विस्तृत औद्योगिक पट्टी

• विस्तार – खलारी से कुमारधुबी तक

• टुण्डू नामक स्थान पर जस्ता गलाया जाता है। 

राँची औद्योगिक पट्टी

• अन्य नाम – ऊपरी स्वर्णरेखा घाटी औद्योगिक पट्टी

• विस्तार – राँची से मुरी तक 

जमशेदपुर औद्योगिक पट्टी

• अन्य नाम – निचली स्वर्णरेखा घाटी औद्योगिक पट्टी

• विस्तार – चांडिल से बहरागोड़ा तक

 

झारखण्ड में औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण

(source ) – JIADA 

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  • BIADA – Bokaro Industrial Area Development Authority
    • बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम 1974 के आधार पर, 1973 में गठित
  • RIADA – Ranchi Industrial Area Development Authority 
    • बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम 1974 के आधार पर, 1973 में गठित
  • AIADA – Adityapur (Jamshedpur) Industrial Area Development Authority 
    • बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण अधिनियम 1974 के आधार पर, 1973 में गठित
  • SPIADA – Santhal Pargana Industrial Area Development Authority
    • गठन – 13 जुलाई 2006

JIADA (JHARKHAND Industrial Area Development Authority)

  • HEAD OFFICE – RANCHI 
  • REGIONAL OFFICE – ADITYAPUR,RANCHI,DUMKA,BOKARO
  • 2 मार्च 2001  को नाम परिवर्तन – बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण से झारखण्ड में औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण
  • 2016  में चारों प्राधिकरण को इसके के अंतर्गत लाया गया।

झारखण्ड में औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण

औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण का नाम

औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण में शामिल जिले

रांची औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण

RIADA

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  1. रांची
  2. रामगढ
  3. हज़ारीबाग़
  4. कोडरमा
  5. लोहरदगा
  6. गुमला
  7. पलामू
  8. गढ़वा

बोकारो औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण

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  1. बोकारो
  2. धनबाद
  3. गिरिडीह

आदित्यपुर (जमशेदपुर) औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण

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  1. पूर्वी सिंघभूम
  2. पश्चिमी सिंघभूम
  3. सरायकेला खरसावां

संथाल परगना औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण

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  1. देवघर
  2. जामतारा
  3. दुमका
  4. गोड्डा
  5. साहेबगंज

 

पलामू में स्थित कंपनी का नाम

  • बिहार कास्टिक एंड केमिकल्स
  • जपला सीमेंट

पश्चिमी सिंघभूम में स्थित कंपनी का नाम

  1. ACC Ltd – चाईबासा
  2. मिनरल एंड केमिकल प्रोडक्ट्स – केन्डोपोसी

पूर्वी सिंघभूम में स्थित कंपनी का नाम

  1. टाटा स्टील (टिस्को) – जमशेदपुर
  2. टाटा याडोगोवा  – जमशेदपुर
  3. टेल्को – जमशेदपुर
  4. टाटा टिमकेन –जमशेदपुर
  5. टाटा पिगमेंट –जमशेदपुर
  6. टिन प्लेट –जमशेदपुर
  7. टीआरएफ –जमशेदपुर
  8. एग्रिको –जमशेदपुर
  9. लाफार्ज (novoco ),जोजोबेरा जमशेदपुर
  10. इंडियन स्टील एण्ड वायर प्रोडक्ट्स लि० – जमशेदपुर
  11. इंडियन ट्यूब कंपनी लिमिटेड – – जमशेदपुर
  12. रेलवे इंजीनियरिंग वर्कशॉप – जमशेदपुर
  13. उषा मार्टिन लि.
  14. उषा मार्टिन इंडस्ट्रीज
  15. हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड – घाटशिला

बोकारो में स्थित कंपनी का नाम

  1. बोकारो इस्पात लि०
  2. ESL Steel Limited
  3. Dalmia Cement
  4. JP Cement
  5. सेल/भारत  रिफ्रैक्टरी यूनिट – भंडारीदह
  6. एशियन रिफ्रक्ट्रीज लिमिटेड
  7. इंडियन एक्सप्लोसिव फैक्ट्री – गोमिया

राँची में स्थित कंपनी का नाम

  1. CCL
  2. HEC
  3. GRSE- Garden Reach Shipbuilders & Engineers Ltd.- धुर्वा
  4. उषा बेल्ट्रान
  5. हिंडालको इंडस्ट्रीज लि.,MURI
  6. राज रिफ्रैक्टरी – हरदाग
  7. भारत वेस्टफालिया लिमिटेड – नामकुम
  8. ऊषा मार्टिन ब्लैक वायर रोप्स लिमिटेड – टाटीसिलवे

DHANBAD में स्थित कंपनी का नाम

  1. BCCL
  2. सिंदरी उर्वरक कारखाना 
  3. ACC Ltd – सिंदरी
  4. झरिया फायर ब्रिक्स वर्क्स – धनसार
  5. एलायड रिफ्रक्ट्रीज प्रा. लि
  6. मैथन सिरेमिक्स
  7. अलाइड रिफ्रक्ट्री – अमघटा
  8. धनबाद इंजीनियरिंग वर्क्स- कुमारधुबी
  9. हिन्दुस्तान स्टील लिमिटेड
  10. न्यू स्टैंडर्ड इंजीनियरिंग

सरायकेला- खरसावां में स्थित कंपनी का नाम

  • आशीर्वाद स्टील – गम्हरिया
  • बिहार स्पंज आयरन – चांडिल
  • जूम बलभ स्टील – दुगदा

रामगढ में स्थित कंपनी का नाम

  • जिंदल स्टील – पतरातू
  • ब्रह्मपुत्र मेटालिक – गोला
  • गौतम फेरो एलाय –
  • Indo-Ashai Glass Factory – भदानी  नगर
  • सेल/भारत  रिफ्रैक्टरी यूनिट – रांची रोड

कोडरमा में स्थित कंपनी का नाम

  • जय दुर्गा आयरन – झुमरी तिलैया

जामतारा में स्थित कंपनी का नाम

  • अंजनी फेरो एलाय – मिहिजाम

देवघर में स्थित कंपनी का नाम

  • हैदराबाद इंडस्ट्रीज – जसीडीह
  • बिहार इंडस्ट्रियल कारपोरेशन – मधुपुर

झारखण्ड में हस्तशिल्प 

  • हस्तशिल्प – टेराकोटा, तसर प्रिंट, ढोकरा, अगरबत्ती, बांस के उत्पाद, चर्म शिल्प, चित्रकला, जनजातीय आभूषण, पिपली आदि  
  • राज्य के हजारीबाग, पलामू, धनबाद, राँची, दुमका तथा देवघर जिले में हस्तशिल्प संसाधन सह विकास केन्द्रों द्वारा हस्तशिल्प हेतु प्रशिक्षण की व्यवस्था की गयी है। sarkarilibrary.in
  • 2017 में ‘माटीकला बोर्ड’ का गठन – राज्य में मिट्टी की शिल्पकारी को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से  
  • ‘क्राफ्ट एंड डिजाइन इंस्टीच्यूट’ – राँची में
    • राज्य के बुनकरों एवं शिल्पकारों को समुचित प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से
    • राष्ट्रीय डिजाइन इंस्टीच्यूट, अहमदाबाद के सहयोग से स्था 
  • सी-डैक (C-DAC) की सहायता से राज्य के राँची, हजारीबाग, देवघर, सरायकेला-खरसावां व लातेहार में डिजाइन के क्षेत्र में कंप्यूटर आधारित प्रशिक्षण की सुविधा प्रारंभ किये जाने का प्रस्ताव है। 

 

महत्वपूर्ण तथ्य

  • झारखण्ड आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 के अनुसार औद्योगिक विकास की दृष्टि से राज्य के विभिन्न श्रेणियों में देश में स्थान इस प्रकार है sarkarilibrary.in
    • कारखानों की संख्या के आधार पर – 20 वाँ स्थान 
    • स्थायी पूंजी के आधार पर  – 13वाँ स्थान 
    • कार्यरत श्रमिकों की संख्या के आधार पर – 17वाँ स्थान
    • उत्पादन के आधार पर – 16वाँ स्थान
  •  ‘व्यापार सुगमता सूचकांक – 2018’ : विश्व बैंक द्वारा जारी 
    • भारत के राज्यों में झारखण्ड का स्थान चौथा ( 2017 में सातवां) है।
    • प्रथम स्थान : आंध्र प्रदेश 
    • भारत का स्थान :  100वाँ (2017 में 130वाँ)  
  • झारखण्ड देश में एकल हस्ताक्षर तकनीक लागू करने वाला पहला राज्य है। 
  • झारखण्ड देश का पहला तथा एकमात्र राज्य है जहाँ मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ‘कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी परिषद्’ का गठन किया गया है। sarkarilibrary.in
  • गार्डन रीच सीप बिल्डर्स एंड इंजीनियर लिमिटेड : राँची 
    • भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत एक सार्वजनिक उपक्रम है।
    • इसके द्वारा राँची के अरगोड़ा में 06.10.1969 को ‘मरीन डीजल इंजन प्रोजेक्ट’ के नाम से उद्योग की स्थापना की गयी थी।
    • 1988 में इसका नाम परिवर्तित करके ‘मरीन डीजल इंजन प्लांट’ कर दिया गया। 
  • ‘क्राफ्ट एंड डिजाइन संस्थान’ : राँची में
    • राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान, अहमदाबाद के सहयोग से
    • रेशम आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु 
  •  राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किए जा रहे ‘ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर’ तथा ‘अमृतसर-दिल्ली इंडस्ट्रियल कॉरिडोर’ का 196 किलोमीटर मार्ग झारखण्ड राज्य से होकर गुजरता है। 
  • हजारीबाग के बरही :  ‘इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर’ के ग्रोथ सेंटर  
  • राँची में CIPET की स्थापना – 2017 में, UNDP की सहयोग से
    • ‘Central Institute of Plastic Engineering and Technology,   sarkarilibrary.in
  • Mega Food Park – गेतलसूद राँची में   
  • silk park – इरबा राँची में 
  • Pharma Park – बरहे ,बीजूपाड़ा , राँची में 
  • देवघर :  ‘प्लास्टिक हब’  
  • जसीडीह , देवघर : Software Technology Park
  • देवीपुर , देवघर : ‘Plastic Park’
    • 150 एकड़ भूमि पर, 120 करोड़ रूपये की लागत से
    •  (CIPET) की स्थापना 
  • आदित्यपुर (सराईकेला खरसावां  ) – इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर की स्थापना
    • भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा
  • ऑटो क्लस्टर : आदित्यपुर (सराईकेला खरसावां  )
  • केन्द्रीय ईंधन एवं शोध संस्थान(CIFR) की स्थापना – 1945 में ,धनबाद में,
    • 2007 CIMFR – (CIFR + CIMR) 
  • Textile Park

 

यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड जादूगोड़ा

  • स्थापना – 4 अक्टूबर 1967 को हुआ था
  • यह परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत सार्वजनिक उद्यम है
  • जादूगोड़ा खदानदेश की पहली यूरेनियम खदान है
  • जादूगोड़ा में खनन कार्य वर्ष 1967 में प्रारंभ हुआ था