Organic Evolution
  • जीवन के उत्पति से संबंधित अलग-अलग समय में अलग-अलग सिद्धांत दिए गए हैं ,उद्विकास के क्षेत्र में पहला मत देने वा वैज्ञानिक लेमार्क थे।
  • उद्विकास का सिद्धांत इस प्रकार हैं-
    • विशेष सृजन का सिद्धान्त (Theory of special creation)
    • आपदीय सिद्धांत (Theory of Catastrophe )
    • ब्रह्माण्डीय सिद्धांत (Cosmozoic Theory)
    • निर्जीव वस्तुओं से जीवन के उत्पत्ति का सिद्धान्त (Theory of Abiogenesis)
    • भौतिकी रासायनिक सिद्धांत/ आधुनिक सिद्धांत/प्राकृतिक सिद्धांत (Physico-Chemical Theory / Modern ‘Theory/ Naturalistic Theory)
  • विशेष सृजन का सिद्धान्त (Theory of special creation) इस सिद्धान्त के अनुसार जीवों की उत्पति प्रकृति के सर्वशक्तिमान के द्वारा किया गया है जिसे god (भगवान) कहा जाता है।
  • आपदीय सिद्धांत (Theory of Catastrophe ) : इसक अनुसार पृथ्वी पर समय-समय पर प्रलय आती है, जिसके बाद प्रकृति नए जीवों को उत्पन्न करती है। इस सिद्धान्त के सबसे बड़े समर्थक George cuvier को माना जाता है। 
  • ब्रह्माण्डीय सिद्धांत (Cosmozoic Theory): इस सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी पर जीवन ब्रह्माण्ड में मौजूद अन्य पिण्डों से उत्पन्न हुआ है। 
  • निर्जीव वस्तुओं से जीवन के उत्पत्ति का सिद्धान्त (Theory of Abiogenesis) : इस सिद्धांत के अनुसार जीवन की उत्पत्ति किसी निर्जीव वस्तु द्वारा अचानक हो गई। 
  • जैसे- मेंढक, साँप कीचड़ से उत्पन्न हो गए। मक्खी, कीट-सड़े हुए माँस से उत्पन्न हो गए। जूँ, चिल्लर-शरीर के पसीने से उत्पन्न हो गए। 
  • इस सिद्धान्त को Pluto और Aristotle का समर्थन मिला, इसलिए बहुत दिनों तक इसी सिद्धान्त को लोग मानते रहे। इस सिद्धान्त को सबसे बड़ा धक्का फ्रांस के वैज्ञानिक लुइस पाश्चर के Swan Necked flask Experiment के द्वारा लगा, जिससे यह साबित हो गया कि जीवन की उत्पत्ति पहले से मौजूद जीवित पदार्थों से ही संभव है। 

भौतिकी रासायनिक सिद्धांत/ आधुनिक सिद्धांत/प्राकृतिक सिद्धांत

(Physico-Chemical Theory / Modern ‘Theory/ Naturalistic Theory): 

  • इस सिद्धांत को देने वाले वैज्ञानिक A.I. Oparin (Russian) 1924 ई० तथा J.B.S. Haldane (Britain) 1929 ई० में ।
  • A.I. Oparin ने “The origin of Life” नामक पुस्तक की रचना 1936 ई० में की। 
  • इस सिद्धान्त के अनुसार जीवन की उत्पत्ति भौतिक रासायनिक अभिक्रिया के द्वारा हुई है। 
  • वर्तमान समय में जीवन के उत्पत्ति से संबंधित सिद्धांतों में इसे सर्वमान्य सिद्धान्त माना जाता है। 
  • Big Bang का सिद्धान्त 1920 ई. में (Lemaitre) लैमेन्टर ने दिया था। 
  • Big-Bang के उपरान्त गैस का गोला कई टुकड़ों में विभाजित हो गया जिससे Galaxy (मंदाकिनी) का निर्माण हुआ, जिसमें आकाशगंगा भी शामिल थी।  आकाशगंगा में सूर्य एक तारे के रूप में मौजूद था। 
  • प्रारंभिक अवस्था में सूर्य एक ठंडे गैस के गोले में स्थित था, जिसे Nebula कहा जाता है। 
  • Nebula में आन्तरिक गुरुत्वाकर्षण बल के कारण घर्षण उत्पन्न होने लगा, जिससे ऊष्मा (Heat) उत्पन्न होने लगी, तब इसे प्राचीन सूर्य (Ancient Sun) कहा जाता है। 
  • समय के साथ ऊष्मा की मात्रा बढ़ने से सूर्य में मौजूद हाइड्रोजन परमाणु आपस में मिलकर हीलियम का निर्माण करने लगे, जिससे बहुत बड़ी मात्रा में ऊर्जा का निर्माण होने लगा। परिणामस्वरूप सूर्य एक चमकीले तारे के रूप में परिवर्तित हो गया, जो आधुनिक सूर्य के नाम से जाना जाता है। 
  • सूर्य के निर्माण के बाद सूर्य में ऊष्मा के कारण उत्पन्न घूर्णन गति से सूर्य के कमजोर भाग अपकेन्द्री बल (Centrifugal force) के कारण टूट-टूट कर अलग होने लगे। जिससे ग्रहों तथा उपग्रहों का निर्माण हो गया, जिसमें पृथ्वी भी शामिल थी।
  • पृथ्वी के निर्माण के समय पृथ्वी का तापमान 6000°C था। अत्यधिक तापमान होने के कारण पृथ्वी में मौजूद सभी तत्व गैसीय अवस्था में पाए जाते थे। 
  • चूंकि सर्वाधिक मात्रा में हाइड्रोजन मौजूद थी, इसलिए सभी हाइड्रोजन ऑक्सीजन के सभी परमाणु से अभिक्रिया करके जलवाष्प का निर्माण हो रहा था। 2H2 + O2 → 2H2O 
  • नाइट्रोजन परमाणु, हाइड्रोजन से संयोग कर अमोनिया का निर्माण हो रहा था। 3H2 + N2 → 2NH3 
  • अर्थात पृथ्वी पर बनने वाला पहला यौगिक अमोनिया तथा जल को माना जाता है। 
  • समय बीतने के साथ पृथ्वी में मौजूद तत्व घनत्व के आधार पर जमने लगे, जिससे पृथ्वी की संरचना का निर्माण हो गया। जैसे- भारी तत्व (लोहा, कॉपर, सोना, प्लेटिनम, चाँदी इत्यादि) केंद्र में जमा हो गए जिससे Core का निर्माण हो गया। 
  • भारी तत्त्व के बाद कम भार वाले तत्त्व आपस में मिलकर एक आवरण का निर्माण किया, जिसे मेंटल कहा जाता है। जैसे- कैल्शियम, मैग्नेशियम, एल्युमिनियम, सिलिकन, सल्फर इत्यादि । 
  • सबसे हल्के तत्व के द्वारा पृथ्वी के वातावरण का निर्माण हुआ, जिसमें ऑक्सीजन, कार्बन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन इत्यादि शामिल थे। शुरूआती अवस्था में पृथ्वी पर होने वाले ज्वालामुखी विस्फोट के कारण अन्दर के तत्व बाहर आकर विभिन्न तत्वों से संयोग करते थे, जिससे कार्बाइड तथा नाइट्राइट का निर्माण हो गया।
  • जैसे CaC2 , कैल्शियम कार्बाइड , Na3 Nसोडियम नाइट्राइट 
  • जब तापमान 100° से नीचे चला गया तब जलवाष्प घनीभूत (condense) होकर द्रव में परिवर्तित होने लगे, जिससे करोड़ों वर्ष तक होने वाली महाबारिश की शुरूआत हुई जिसे Torrential Rain कहा जाता है। बारिश के उपरान्त पूरी पृथ्वी जलमग्न हो गई। 
  • जलमग्न होने के कारण रासायनिक अभिक्रिया के द्वारा सरल तथा जटिल यौगिकों को निर्माण होने लगा। जैसे- एसिटीलीन, इथेन, मिथेन, एमिनो एसिड, ग्लूकोज, फैटी एसिड आदि । 
  • सरल तथा जटिल यौगिक आपस में बार-बार अभिक्रिया करके बहुत ज्यादा अणु भार वाले यौगिकों का निर्माण करने लगे। जैसे- प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा तथा न्यूक्लिक अम्ल
  • समय बीतने के साथ-साथ समुद्र का तापमान कम होने लगा जिससे समुद्र के उपरी सतह पर एक आवरण का निर्माण होने लगा जिसमें विभिन्न प्रकार के यौगिक बंद होने लगते है जिसे Coacervates कहा जाता है। 
  • मेसेजोइक काल में डायनासोर फले-फूले । 
  • जब Coacervates के अंदर Nucleic acid बंद हुआ (DNA) तब इसे embody कहा जाता है जिसमें विभाजन करने की क्षमता पाई जाती थी जो पृथ्वी पर जीवन की शुरूआत माना जाता है। इस प्रकार की संरचना Archaebacteria में देखी जाती है
  • Archaebacteria को पृथ्वी पर विकसित होने वाला पहला प्राणी माना जाता है। 
  • पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति जल में Archaebacteria के रूप में होता है जो भोजन के लिए रसायन का प्रयोग करते है, इसलिए इन्हें रसायनपोषी (Chemotrophs) कहा जाता है। समय बीतने के साथ (Archaebacteria) के अन्दर Chlorophyll जैसे यौगिकों का निर्माण होता है जिससे इनका स्वभाव रसायन पोषी से स्वपोषी (Autotrophs) में परिवर्तित हो जाता है। 
  • स्वपोषी (Autotrophs) होने के कारण प्रकाश संश्लेषण के द्वरा वातावरण में O2 , मुक्त अवस्था में उपलब्ध हो गयी जिससे वातावरण Reducing से oxidising में परिवर्तित हो गया ।
  • Oxidising atmosphere के कारण नए जीवन की उत्पत्ति की संभावना को समाप्त कर दिया जिससे पृथ्वी पर जीवन के स्वरूप को बदलने का एकमात्र तरीका Evolution रह गया। 

Transformation of life from Simple to Complex अलग-अलग समय में विद्वानों ने Evolution से संबंधित तथ्यों को प्रस्तुत किया जो निम्नलिखित है: 

  • लेमार्कवाद (Lamarckism) : लेमार्क
  • डार्विनवाद (Darwinism) : 
  • उत्परिर्वतन का सिद्धांत (Mutation theory) : 

लेमार्कवाद (Lamarckism) : इस सिद्धांत को देने वाले वैज्ञनिक लेमार्क थे। इनके द्वारा लिखी गई पुस्तक Philosophic, Zoollogic का प्रकाशन 1809 ई० में हुआ।  लैमार्कवाद की महत्त्वपूर्ण बातें 

  • (i) जीवों की संरचना में परिवर्तन आंतरिक बल के कारण होता है।
  • (ii) Use and Disuse Theory (प्रयोग एवं अनुप्रयोग) ; जिस अंग का जीव जितना ज्यादा प्रयोग करते हैं, वे अंग उतने ही ज्यादा विकसित हो जाते हैं तथा जिस अंग का प्रयोग नहीं किया जाता है, वे अंग छोटे होने लगते हैं तथा एक समय के बाद समाप्त हो जाते हैं। 
  • (iii) उपार्जित लक्षणों की वंशागति (Inheritance or Accquired character) :  जो लक्षण कोई जीव अपने जीवन काल में प्राप्त करता है वह लक्षण उनके बच्चों में स्वतः ही चला जाता है । 
  • (iv) Lamarck ने अपनी बातों को प्रमाणित करने के लिए जिराफ तथा साँप को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। 

लैमार्कवाद की आलोचना 

  • (i) बुद्धिजीवियों के आँखों की रोशनी कम हो जाना 
  • (ii) पहलवान के बच्चे का पहलवान न होना 
  • (iii) चीन की लड़कियों द्वारा सदियों से लोहे के जूते के प्रयोग के बावजूद लड़कियों के पाँव लम्बे हो जाना 
  • (iv) महिलाओं द्वारा आभूषण को धारण करने के लिए नाक तथा कान  में छिद्र करवाने के बावजूद बच्चों में छिद्र का न होना। 

डार्विनवाद (Darwinism) 

  • यह सिद्धांत Charles Darwin (Britain) के द्वारा दिया गया। इन्होंने अपनी यात्रा में H.M.S. Beagle नामक जहाज का उपयोग किया। 
  • डार्विन द्वारा लिखी गई पुस्तक “Origin of species by Natural selection” (प्रकृति चयन द्वारा जीवों का विकास) का प्रकाशन 1859 ई. में हुआ। 
  • डार्विनवाद की मुख्य बातें :  
    • 1.जीवों में प्रजनन की अपार क्षमता होती है- 
      • पैरामिशियम (Paramoeicn) एक घंटे में 3 बार प्रजनन करता है। 
      • समुद्री मछली (Cod fish): एक Breeding season में 1 million अंडे देती है। (Atlantic ocean) 
      • Salmon fish एक Breeding season (प्रजनन काल) में 2 करोड़ 80 लाख अंडे देती है। 
      • मनुष्य की छोटी आँत का परजीवी Ascaris एक बार में 2 लाख अण्डे देती है। 
      •  स्तनधारियों में सबसे कम प्रजनन क्षमता हाथी की होती है जो अपने पूरे जीवन काल में अधिकतम 6 बच्चे को जन्म दे सकती है। 
    • 2.लगभग नियत जनसंख्या (Approximately Constant Population) : 
      • अत्यधिक प्रजनन क्षमता के बावजूद पृथ्वी पर जीवों की संख्या लगभग नियत रहती है। 
    • 3.अस्तित्व के लिए संघर्ष (Struggle of Life) : 
      • पृथ्वी पर जीवों के लिए भोजन एवं आवास सीमित होते हैं। जिसके लिए जीवों को आपस में संघर्ष करना पड़ता है।
    • 4. विविधता (Variation)
      • संघर्ष के दौरान जीवों में विविधता उत्पन्न हो जाती है।
    • 5.योग्यत्तम की उत्तरजीविता (Useful variation) का चुनाव/ Survival of fittest 
      • संघर्ष के दौरान जिसमें सबसे अच्छी विविधता होती है उसे प्रकृति चयन कर लेती है जिसे Herbert Spencer ने Survival of fittest कह कर संबोधित किया। 
    • 6.वातावरण परिवर्तनशील (वातावरण Accept करना) : 
      • वातावरण की परिवर्तशीलता के कारण जीवों में विविधता जमा होती रहती है।
      • प्रकृति के बदलाव के अनुसार जीवों को अनुकूल बनाना पड़ता है जो इसका पालन नहीं करते है वो प्रकृति से लुप्त हो जाते हैं। जैसे-डाइनासोर, डोडो (सबसे नजदीक में लुप्त हुआ पक्षी) आदि। लुप्त होने के कगार पर मौजूद प्राणियों की सूची को Red data book में सूचीबद्ध किया जाता है। (गौरेया भी लुप्त होने की कगार पर है) 
      • विविधता को जमा होते-होते लम्बे समय अंतराल के बाद एक नये प्रजाति का जन्म हो जाता है। 

उत्परिवर्तन को सिद्धान्त (Mutation Theory) 

  • Given by Hugo-De Vries 
  • उत्परिवर्तन के सिद्धान्त के अनुसार Evolution अचानक से घटने वाली घटना है, अर्थात जीवों के स्वरूप में परिवर्तन उनके DNA में Abrupt change (अचानक परिवर्तन) के कारण होता है जिसे इन्होंने Suddenly and Jerky process कहा। 

जैविक उद्द्वविकास से संबंधित प्रमाण 

  • Evolution से संबंधित तथ्यों को प्रमाणित करने के लिए निम्न बातों को आधार माना जाता है। 
    • Homologous and Analogous organ : (समजात अंग एवं समरूप अंग) 
    • बीच की कड़ी (Connecting Link) :
    • अवशेषी अंग (Vestigial organ) : 
  • समजात अंग (Homologous organ) : वैसे अंग जिसकी उत्पत्ति एक समान होती है लेकिन कार्य भिन्न-भिन्न होते जैसे- मनुष्य का हाथ, पक्षी के पंख, चमगादड़ के पंख, व्हेल का फ्लीपर (जिससे मछली तैरती है), सभी Vertebrate (कशेरूकी) के हृदय 
  • समरूप अंग (Analogous organ): वैसे अंग जिनकी उत्पत्ति अलग-अलग तरीके से हुई हो लेकिन एक ही कार्य को सम्पन्न करते हों आपस में समरूप अंग कहलाते है। जैसे- (a) पक्षी के पंख तथा तितली के पंख  (b) मधुमक्खी के डंक तथा बिच्छु के डंक 

2.बीच की कड़ी (Connecting Link) : कुछ जीवों में दो भिन्न-भिन्न प्रकार के जीवों के गुण मौजूद होते है। इसलिए इन्हें बीच की कड़ी माना जाता है। जैसे- 

  • (i) Virus : सजीव और निर्जीव के बीच की कड़ी
  • (ii) Euglena: पादप और जन्तु के बीच की कड़ी
  • (iii) Peripatus : Annelida (केंचुआ) और Arthropoda (कीट) के बीच की कड़ी 
  • (iv) Lungfish : मछली और उभयचर के बीच की कड़ी
  • (v) Proterospongia : Protozoa और Porifera के बीच की कड़ी 
  • (vi) Echidina & Platypus: Reptiles Mammals के बीच की कड़ी 
  • (vii) Balanoglossus : Non chordate 3 chordate बीच की कड़ी 
  • (viii) Archeopteryx: Birds और Reptiles के बीच की कड़ी 

अवशेषी अंग (Vestigial organ): वैसे अंग जो पूर्वजों में संरचनात्मक तथा कार्यात्मक रूप से पूरी तरह विकसित हो रहे हों, लेकिन वर्तमान समय में उपयोग न होने के कारण शरीर में अवशेष के रूप में मौजूद हों, उन्हें Vestigial organ कहा जाता है। 

मनुष्य के महत्त्वपूर्ण अवशेषी अंग 

  • Vermiform appendix 
  • Nictitating membrane (Third eye lied) (तीसरी पलक)
  • Coccyx (पूँछ की हड्डी) 
  • Ear muscles (कान की माँसपेशियाँ) 
  • Wisdom teeth (अकल की दाँत) 
  • पुराने गुणों की पुनरावृत्ति (Atavism): कभी-कभी बच्चों में पूर्वजों के गुण उभर आते हैं जो वर्तमान में पूरी तरह से समाप्त हो चुके होते हैं। इस प्रकार की घटना को Atavism कहा जाता है। 

 

Oneliner Previous Questions

  • योग्यतम की उत्तरजीविता’ का प्रतिपादन किया? RPSC 2005; डार्विन 
  • जीवों के विकास (इंवॉल्यूशन) के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा अनुक्रम सही है? ITI 2004, IAS Pre 2009  ; सैलामैन्डर – अजगर-कंगारू 
  • जीवन की उत्पति की दिशा में बनने वाले यौगिक थे? डाक विभाग सहायक 2014 ; प्रोटीन्स तथा केन्द्र अम्ल
  • लारवा के कुछ उग्र-परिवर्तनों द्वारा वयस्क में बदलने की प्रक्रिया क्या कहलाती है? [ Bihar Police Constable 22.10.2017] ; कायान्तरण 
  • ऐसे अंग जो विभिन्न कार्यों में उपयोग होने के कारण काफी असमान हो सकते हैं, लेकिन उनकी मूल संरचना एवं भ्रूणीय प्रक्रिया में समानता रहती है, कहलाते हैं? Raj. B.Ed 2003 ; समजात अंग 
  • उत्परिवर्तन का सिद्धान्त ———के द्वारा प्रस्तावित किया गया था ? UP TET (1-V) 23 Feb., 2014 ;  ह्यूगो डिब्रिज 
  • ‘प्रजातियों की उत्पत्ति’ एक रचना है- UP TET (I-V) 15 Oct., 2017 ; चार्ल्स डार्विन की 
  • कुछ डायनोसोरों के पर थे, यद्यपि वे उड़ नहीं पाते थे परन्तु पक्षियों के पर होते हैं जो उड़ने में हायता करते हैं। विकास के सन्दर्भ में इसका अर्थ यह है कि:| CTET Nov. 2012 ; दोनों ही जीवों में पर समजात अंग हैं।
  • —– विकास के सिद्धान्त से संबंधित है। RRB Group D ;  चार्ल्स डार्विन
  • निम्नलिखित में से कौन सा वह विचार है कि नई प्रजातियों का विकास उनकें परिभाषित परिवर्तन के कारण हुआ है? RRB NTPC ; प्राकृतिक चयन 
  • जीवों द्वारा जीने के लिए और अधिक वंशवृद्धि के लिए बेहतर अनुकुलित वातावरण बनाने की प्रकिया को क्या कहते है? RRB NTPCप्राकृतिक चयन 
  • आद्य – वायुमण्डल कम हो रहा था क्योंकि RRB ALP & Tec 2018) ; हाइड्रोजन परमाणु सक्रिय थे और अधिक संख्या में थे ।
  • निम्नलिखित में से किसे टॉयरेंट लिजार्ड  किंग ( tyrant lizard king) कहा जाता है? RRB NTPC 2016 ; टायरेनोसॉरस रेक्स 
  • दो जीव सबसे अच्छे मित्र हैं और साथ-साथ रहते है। इनमें से एक आवास, जल तथा पोषक तत्त्व प्रदान करता है, जबकि दूसरा भोजन बनाता एवं प्रदान करता है। जीवों के इस प्रकार के संबंध को कहते हैं : [ CTET July 2013] ; सहजीवन 
  • जीव धारियों में नई प्रजाति का क्रमिक विकास करने की सम्भावना इनमें से किसकी अधिक है? JMRC J.E. 23.12.2012 ;  द्विवर्ण अणुओं का विभाजन 
  • मनुष्यों के वैज्ञानिक नाम होमो सैपियन्स (Homo sapiens) का अर्थ क्या हैं ? RRB NTPC Stage 1st 22.04.2016  ;  वाइज होमिनिड 
  • मानव विकास का अध्ययन यह इंगित करता है कि हम सभी एक ही प्रजाति से सम्बन्धित है जो कि निम्न में से में विकसित हुए है। RRB ALP & Tec 2018) ; अफ्रीका 
  • आधुनिक मनुष्य का वैज्ञानिक नाम क्या है RRB JE 22.05.2019 (Shift-II) ; होमो सेपियन्स 
  •  ओरिजिन ऑफ स्पीशीज नामक पुस्तिका किसके द्वारा लिखी गई है? RRB Group D ; चार्ल्स डार्विन 
  • बगुला भैंस पर बैठता है, क्योंकि- CTET ( I-V) 21 Feb, 2016 ;  बगुला तथा भैंस में सहजीवी का संबंध है
  • शैक (लाइकेन) है- UP TET (I-V) 27 June, 2013 ;  सहजीवी
  • होमो सेपियन्स के रूप में वर्गीकृत किए जाने वाले प्रारम्भिक होमिनॉइड्स थे? RRB NTPC ; क्रो-मैग्नन 
  • वैसे अंग जिनकी मौलिक संरचना तो एक समान होती है परन्तु उनकें द्वारा किया जाने वाला कार्य भिन्न होता है, क्या कहे जाते हैं? RRB ALP & Tec (30.08.2018) ;  समजात अंग 
  • जीवन की उत्पति के बारे में ओपेरिन का सिद्धान्त किससे संबंधित है? RRB ALP & Tec (20.08.2018) (Shift-II) रासायनिक विकास
  • मानवीय विकास के संबंध में हाल ही में खोज की गई कड़ीं, कौन से जीवाश्म की खोज है? RRB NTPC 10.04.2016 (Shift-III) ; होमो नलेडी 
  • मनुष्य की आनुवांशिकी का पता लगाया RRB Group D 28.09.2018 ; अफ्रीका मूल
  • किस युग के दौरान डायनासोर फले-फूले? RRB NTPC Stage 1st 29.04.2016 ; मेसोजोइक इरा (
  • जैविक विकास को ——– के तौर पर परिभाषित किया गया है। RRB Group 2018 ; प्राकृतिक चयन 
  • उन्नीसवीं शताब्दी में, ——-ने प्राकृतिक चयन द्वारा प्रजातियों के विकास का सिद्धांत प्रस्तुत किया था । RRB Group D 15.10.2018 ( Shift-II) ; चार्ल्स डार्विन 
  • प्रजातियों की व्यक्तिगत संख्या को बनाए रखने और उनके विलोपन को रोकने के लिए निम्नलिखित में से कौन सा आवश्यक है? RRB ALP 2018 ; प्रजनन 
  • विकास का सिद्धांत किसके द्वारा प्रस्तावित किया गया था। RRB NTPC2016 ;  चार्ल्स डार्विन 
  • ————विकासवादी संबंधों के प्रमाण प्रदान करता है। RRB Group D 2018 ; जीवाश्म 
  • निम्नलिखित में से कौन सा एक एन्थ्रोपॉइड के तीन सुपर फैमिली में से एक नहीं है? RRB NTPC 2016 ;  एन्थ्रोपिथेकस 
  • प्रारंभिक पृथ्वी का वातावरण मुख्य रूप से बना था । RRB Group D 2018 ; NH3, CH4, H2
  • ——–गैस उस समय अपनी मुक्त अवस्था में मौजूद नहीं थी जब पृथ्वी पर जीवन उत्पन्न हुआ था । RRB Group D 2018 ; ऑक्सीजन 
  • ट्रैकिग्लोसस —— के बीच की एक ‘संयोजक कडी हैं RRB Group D 03.12.2018 ; सरसृिपों और स्तनधारियों
  • समरूप अंग है RRB Group D 20.09.2018;  लॉबस्टर की पूँछ और व्हेल के फाल
  • जैविक विविधता का आधारभूत स्त्रोत ———है । RRB Group d ;  उत्परिवर्तन 
  • जिन अंगों की मूल संरचना भिन्न होती है लेकिन दिखने में एक जैसे होते है ओर उनके कार्य भी समान होते है उन्हें कहा जाता है। RRB Group D 16.10.2018 ; समरूप अंग
  •  किस वैज्ञानिक ने द थ्योरी ऑफ इवोलूशन का प्रतिपादन किया ? RRB JE 23.05.2019 ; चार्ल्स डार्विन 
  • किसने सुझाव दिया था कि जीवन सरल अकार्बनिक (अजैवी) अणुओं से विकसित हुआ है? RRB Group D 05.11.2018 ;  हाल्डेन 
  • SHARIRANG 
  • लाखों वर्षों से आदिम जीवों में क्रमिक परिवर्तनों का अनुक्रम है, जिसके परिणामस्वरूप नई प्रजातियों का गठन होता है।
  • RRB Group D 16.10.2018; क्रमागत उन्नति 
  • निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने अपनी पुस्तक ऑरिजिन ऑफ स्पीशीज में कार्बनिक विकास के लिए एक क्रियाविधि का सुझाव दिया है? RRB Group D 2018;  चार्ल्स डार्विन 
  • ……एक अंग्रजी प्रकृतिवादी, भूवैज्ञानिक और जीवविज्ञानी है जो विकास से संबंधित विज्ञान में उनके योगदान के लिए जाने जाते है? RRB GD 2016 ;  चार्ल्स रॉबर्ट डार्विन
  • इन अंगों में से कौन सा अवशोषी अंग नहीं है? RRB JE 26.05.2019 Shift-IV ;  मस्तिष्क 
    • (b) अक्ल दाढ़ (बुद्धि दाँत) – अवशोषी अंग
    • (c) एपेन्डिक्स – अवशोषी अंग
    • (d) कान की माँसपेशियाँ  – अवशोषी अंग
  • ‘होमो सेपियन्स’ किसका वैज्ञानिक नाम है?R.R.B. भोपाल (C.C.) परीक्षा, 2003  ; मनुष्य 
  • निम्नलिखित में से कौन सा अंडे देने वाला स्तनपायी है? RRB Group D 15.11.2018 ; प्लैटिपस 
  • बायोलॉजी शब्द का प्रयोग सबसे पहले किसने किया था? R.R.B. कोलकाता (T.A.) परीक्षा, 2008 ;  लैमार्क 
  • सबसे व्यापक रूप से स्वीकृत सिद्धान्तों में से एक के अनुसार पृथ्वी पर जीवन की उत्पति से पहले पृथ्वी के वायुमंडल
  • मिश्रण शामिल था । RRB Group D 2018  ; H2S, CH3 , NH3
  • विकास का सिद्धांत हमें बताता है, कि कैसे जीवन सरल से अधिक जटिल रूपों से विकसित हुआ। RRB 2018 ; डार्विन
  • 2015 में जीनस होमो की एक नई प्रजाति की खोज राइजिंग स्टार केद सिस्टम, क्रेडल ऑफ ह्यूमनकांइड दक्षिण अफ्रीका के दीनालेडी चैंबर में की गई थी | RRB NTPC 2016 ;  होमो नलेडी 
  • डार्विन के विकास के सिद्धांत के अनुसार, जिराफ की लंबी गर्दन- SSC 2010 उसे आहार प्राप्त करने का लाभ देती है जिसके कारण लंबी गर्दन वाले जीवित रहते है 
  • जीवाणु के वातावरण के जीवित भाग को ——-कहते हैं। SSC CHSL 10 January 2017 ;जैविक कारक 
  • ‘नेचुरल सेलेक्शन’ द्वारा ऑरिजिन ऑफ लाइफ पुस्तक किसने लिखी थी ? SSC 2015 ;चार्ल्स डार्विन
  • योग्यतम की उत्तरजीविता की संकल्पना का समर्थन सबसे पहले किया था- SSC CPO Exam 2006 ; डार्विन ने 
  • डार्विन की पुस्तक ‘ऑन द ऑरिजिन ऑफ स्पीशीज’ कब प्रकाशित हुई थी? SSC स्नातक स्तरीय परीक्षा, 2006 ;  1859 
  • किसी क्षेत्र विशेष में रहने वाले कुल जीवित प्राणियों (पौधे और जानवर) को क्या कहा जाता है ?SSC CHSL 09 July 2019 बायोमास 
  • पक्षी-विज्ञान किसका अध्ययन है? SSC, 2015 ; पक्षी 
  • निम्न में से कौन-सी एक संकटापन्न जाति है ? SSC  2013 ; गंग डॉल्फिन 
  • ‘डॉर्विन फिंचिज’ का प्रयोग किस समूह के लिए किया जाता है ? SSC 2011 ; पक्षियों के लिए 
  • जीवन की रासायनिक संश्लेषण से उत्पत्ति को प्रयोगशाला में किसके द्वारा सिद्ध किया गया था ?  SSC (10+2) 2015 ; मिलर 
  • शैवाल विज्ञान किसका अध्ययन है ? SSC  (10+2) 2015 ; शैवाल 
  • निम्नलिखित में से किसका डार्विनवाद के साथ है ? SSC , 2006 ;  प्राकृतिक वरण  
  • डी व्रीज ने किस सिद्धांत का प्रतिपादन किया?SSC Multi Tasking Exam. 2014 ;  उत्परिवर्तन का सिद्धांत 
  • वे सभी गुण तथा लक्षण जो जंतुओं को उनके परिवेश से अनुकूलन में सहायक होते है ……. की प्रक्रिया का परिणाम है। 
  • SSC CHSL 2018 ; उद्विकास 
  • समुद्री व्हेल में अग्रपाद किस रूप में परिष्कृत होते है ? SSC 2015 ; मीनपक्ष 
  • रेड डाटा बुक में, निम्नलिखित में से कौन-सा डाटा पाया जाता है ? SSC CGL 2017 ; सभी विलुप्तप्राय प्रजातियाँ 
  • पुरावर्तन सिद्धांत किसने प्रस्तुत किया था ? SSC 2015 ; अर्नेस्ट हैकेल 
  • जैव पुष्टीकरण तकनीक में पादप प्रजनक किसे दूर करने के लिए प्रजनन तकनीक का प्रयोग करते है ? SSC CGL 31 August 2016 ; सूक्ष्म पोषकों और विटामिनों की कमी 
  • निम्नलिखित में से कौन-सा मानव शरीर का एक अवशेषी अंग नहीं है ? SSC  2017 ; गलग्रंथि
    • (a) थायमस ग्रंथि – अवशेषी अंग
    • (b) अकल की दाढ़ – अवशेषी अंग
    • (c) ग्रसनी (फैरिक्स) – अवशेषी अंग
  • जीवों के परिरक्षित अवशेष जो मृदा में शरीर के भागों के छाप के रूप में रह जाते हैं. कहलाते हैं। SSC CHSL 07 March 2018 ;  जीवाश्म 
  • निम्न में से कौन-से समजात अंग है ? SSC संयुक्त हायर सेकण्डरी (10+2) स्तरीय परीक्षा, 2012;  घोड़े और आदमी का अग्रपाद 
  • वे सभी गुण तथा लक्षण जो जंतुओं को उनके परिवेश से अनुकूलन में सहायक होते हैं. की प्रक्रिया का परिणाम है। SSC CHSL 06 March 2018 ; उद्विकास 
  • पक्षियों और कीटों के पंख कैसे होते है? SSC C.P.O.0 Exam, 2015 ;  समवृत्ति 
  • जीवों में अनुरक्षण कार्यद्वारा किया जाता है। SSC CHSL 06 March 2018 ;  जैव-प्रक्रम 
  • कीट में क्या-क्या होता है ? SSC Multi Tasking Exam, 2013 ;  सिर, वक्ष और पेट 
  • डार्विन द्वारा प्रस्तुत प्राकृतिक वरणवाद निम्न में से किस पर आधारित हैं? M.P.P.C.S. (Pre) 1997 ; 1.ओवरप्रोडक्शन + 2.  स्ट्रगल फॉर एक्जिस्टेन्स एण्ड वेरिएशन्स + 3.सरवाइवल ऑफ द फिटेस्ट 
  • मैमथ पूर्वज है : R.A.S./R.T.S. (Pre) 2008  ; हाथी का 
  • वर्तमान प्रमाण के अनुसार, पृथ्वी पर जीव का उद्गम हुआ है, लगभग- 40th BPSC (Pre) 1995 ;  2,000,000,000 (2 अरब)  वर्ष पूर्व 
  • आर्कियोप्टेरिक्स है- 40th B.P.S.C. (Pre) 1995 ; जुरैसिक युग का सर्वपुरातन पक्षी
  • सूची-I को सूची-II से सुमेलित करें ?  I.A.S. (Pre) 1998, U.P.P.C.S. (Pre) 2005 
    • (1) उत्परिवर्तन (Mutation) – डी ब्रीज
    • (2) विकास का सिद्धांत – डार्विन
    • (3) एक जीन एक एंजाइम –  बीडल और टैटम  का सिद्धांत
    • (4) ओपेरॉन अवधारणा –  जैकब और  मोनोड
  • भारत की विशाल वन्य बिल्लियों में किसके बारे में कहा जाता है कि वह हाल ही में विलुप्त हो गई हैं?  R.A.S./R.T.S. (Pre) 1992 ; चीता 
  • (c) बाघ 
  • डाइनोसोर थे- U.P.U.D.A./L.D.A. (Pre) 2001 ;  मेसोजोइक सरीसृप
  • पृथ्वी पर सबसे पुराना जीव कौन-सा हैं? U.P.P.C.S. (Spl.) (Mains) 2008 ; नील हरित शैवाल
  • जैव विकास के संदर्भ में, सांपों में अंगों का लोप होने को स्पष्ट किया जाता है- I.A.S. (Pre) 2002 ; अंगों का उपयोग तथा अनुप्रयोग किए जाने से 
  • जीव विकास (Evolution) को सर्वप्रथम किसने समझाया?’ 43rd B.P.S.C. (Pre) 1999 ;  लैमार्क 
  • विकास का मुख्य कारक 39th B.P.S.C. (Pre) 1994 ;  प्राकृतिक वरण 
  • (d) 
  • आधुनिक मनुष्य के हाल का पूर्वज है- 39th B.P.S.C. (Pre) 1994 ; क्रो-मैगनॉन मानुष 
  • जीवों के विकास (इवॉल्यूशन) के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा अनुक्रम सही हैं? I.A.S. (Pre) 2009 ;  सैलामैंडर -अजगर-कंगारू 
  • आर्कियोप्टेरिक्स’ किन वर्गों के प्राणियों के बीच की योजक कड़ी हैं? R.A.S. / R.T.S. (Pre) 2008 ;  सरीसृप व पक्षी