चुनाव कानून election laws : SARKARI LIBRARY

  चुनाव कानून (Election laws)

 

जन-प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 

अनुच्छेद 81

संसद में अधिकतम सीटों की संख्या का प्रावधान 

अनुच्छेद 170

राज्यों की विधानसभाओं में अधिकतम सीटों की संख्याका प्रावधान

अनुच्छेद 171 

राज्य की विधान परिषद् में अधिकतम एवं न्यूनतम सीटों का प्रावधान

जन-प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधान में शामिल 

  • लोकसभा के लिए सीटों के आवंटन
  • राज्यों की विधानसभाओं के लिए सीटों के आवंटन
  • विधान परिषदों में सीटों के आवंटन
  • चुनाव क्षेत्रों के सीमांकन की व्यवस्था
  • मतदाता की अर्हता
  • मतदाता सूचियों के निर्माण का भी प्रावधान
  • अधिनियम यह भी उल्लेख करता है जिनके आधार पर लोकसभा तथा राज्यों की विधान सभाओं में सीटों का आवंटन किया जाता है ।
  • सीटों के आवंटन के लिए 1 मार्च 1950को विभिन्न राज्यों की जनसंख्या को ध्यान में रखा गया। 
  • राष्ट्रपतिचुनाव आयोग से परामर्श करके लोकसभा तथा राज्यों की विधानसभाओं एवं विधान परिषदों की सीटें भरने के लिए विभिन्न चुनाव क्षेत्रों की संख्या को सीमित कर सकते हैं। 

जन-प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 

  • 1. संसद तथा राज्य विधायिकाओं के लिए अर्हताएँ एवं अयोग्यताएँ 
  • 2. आम चुनावों की अधिसूचना 
  • 3. चुनाव संचालन के लिए प्रशासनिक मशीनरी 
  • 4. राजनीतिक दलों का निबंधन 
  • 5. चुनाव संचालन 
  • 6. मान्यता प्राप्त दलों के उम्मीदवारों के लिए कुछ सामग्री की निःशुल्क आपूर्ति
  • 7. चुनाव संबंधी विवाद 
  • 8. भ्रष्ट आचरण एवं चुनावी अपराध 

सीमांकन अधिनियम, 2002/Delimitation Commission 

प्रत्येक जनगणना की समाप्ति पर

अनुच्छेद 82

  • संसद की कुल सीटों का निर्धारण 
  • संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का सीमांकन

अनुच्छेद 170(3) 

  • प्रत्येक राज्य की विधान सभा की कुल सीटों का निर्धारण 
  • प्रत्येक राज्य के प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजन

Q.भारत में 543 संसदीय निर्वाचन क्षेत्र हैं जिसमें से प्रत्येक से एक सदस्य चुना जाता है। इन निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का सीमांकन कौन करता है?

उत्तर. परिसीमन आयोग/Delimitation Commission- DC

  • संविधान के अनुच्छेद 82 के अनुसार, प्रत्येक जनगणना के पश्चात संसद विधि द्वारा परिसीमन अधिनियम को अधिनियमित करती है। 
  • अधिनियम को अधिनियमित होने के पश्चात केन्द्र सरकार परिसीमन आयोग का गठन करती है। 
  • यह परिसीमन आयोग संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का सीमांकन करता है। 
  • निर्वाचन क्षेत्रों का वर्तमान सीमांकन, वर्ष 2001 के जनगणना आंकड़ों के आधार पर किया गया है। 
  • 84 वां संविधान संशोधन अधिनियम 2001, के द्वारा लोकसभा एवं विधानसभा की सीटों की संख्या में 2026  तक किसी प्रकार की वृद्धि और कमी नहीं किया जाएगा। 
  • पहला परिसीमन आयोग का गठन 1952(अन्य -1962 ,1973 ) में किया गया था 
  • परिसीमन आयोग 2002 का गठन 12 जुलाई 2002 को न्यायमूर्ति कुलदीप सिंह की अध्यक्षता में किया गया था 
  • नया परिसीमन 2001 की जनगणना के आधार पर किया गया है 
  • परिसीमन आयोग के आदेशों को किसी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है

चुनाव संबंधी अन्य अधिनियम 

1. संसद (अयोग्यता निरोधक) अधिनियम, 1959

  • संसद सदस्य चुने जाने के लिए अयोग्यता । 

2. अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति आदेश (संशोधन) अधिनियम, 1976

3. संघशासित क्षेत्र अधिनियम, 1963 

4. दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार अधिनियम, 1991 

5. राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति चुनाव अधिनियम, 1952 

  • राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव से संबंधित मामलों का नियमन करता है।

चुनाव से संबंधित नियमावलियाँ 

1. निर्वाचक का निबंधन नियमावली, 1960 मतदाता सूची के निर्माण एवं प्रकाशन का प्रावधान करती है। 

2. चुनाव संचालन नियमावली, 1961 निष्पक्ष तथा स्वतंत्र संसदीय एवं विधानसभा चुनाव संचालन को सुसाध्य बनाती है।

 3. समकालिक सदस्यता निषेध नियमावली, 1950 (Prohibition of Simultaneous Membership Rules, 1950) 

4. लोकसभा सदस्य (दलबल के आधार पर अयोग्यता) नियमावली, 1985 

5. राज्यसभा सदस्य (दल-बदल के आधार पर अयोग्यता) नियमावली, 1985 

6. राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति चुनाव नियमावली, 1974

7. लोकसभा सदस्य (संपत्तियों एवं देनदारियों की घोषणा) नियमावली, 2004

8. राज्यसभा सदस्य (संपत्तियों एवं देनदारियों की घोषणा) नियमावली, 2004

चुनाव से संबंधित आदेश दिया गया 

1. चुनाव चिन्ह (आरक्षण एवं आबंटन) आदेश, 1968 

  • राजनीतिक दलों को चुनाव चिन्हों के आवंटन का प्रावधान करता है। 

2. राजनीतिक दलों का निबंधन (अतिरिक्त जानकारी प्रस्तुतीकरण) आदेश, 1992