धान उत्पादन की विधि है जो फिलीपींस एवं जापान में प्रचलित है एवं वहाँ से यह भारत आयी।
इसमें बीजों से अंकुरित पौधे (Seedlings) प्राप्त करने हेतु कम स्थान की आवश्यकता होती है एवं इनका विकास भी जल्दी होता है।
इसमें रोपनी हेतु पौध 12वें दिन तैयार हो जाती है।