लोक प्रशासन और निजी प्रशासन
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JPSC MAINS NOTES,PAPER 4, 

सार्वजनिक और निजी प्रशासन

लोक प्रशासन और निजी प्रशासन में अंतर

  • लोक प्रशासन उस प्रशासन को कहते हैं जो सरकारी परिवेश में काम करता है

  • निजी प्रशासन उस प्रशासन को कहते हैं जो गैर सरकारी परिवेश यानि व्यापार उद्यमों में काम करता है।

  • इन्हें क्रमशः सरकारी प्रशासन और व्यापारिक प्रशासन के नाम से भी जाना जाता है।

लोक प्रशासन और निजी प्रशासन में अंतर

  1. राजनैतिक निर्देशन
  2. जनता के प्रति जवाबदेही
  3. सेवा प्रेरणा का सिद्धांत
  4. कानूनी ढांचा
  5. बाहय वित्तीय नियंत्रण का सिद्धांत


राजनैतिक निर्देशन
लोक प्रशासन का राजनीतिक चरित्र इसे निजी प्रशासन से अलग करता है. लोक प्रशासन पर राजनीतिक निर्देशन और नियंत्रण होता है.

जनता के प्रति जवाबदेही

  • लोक प्रशासन की पहचान जनता के प्रति जवाबदेही से होती है जिससे निजी प्रशासन मुक्त होता है

सेवा प्रेरणा का सिद्धांत

  • लोक प्रशासन के पहचान सेवा प्रेरणा से होती है, इसका उद्देश्य जनता की सेवा करना और समुदाय के कल्याण को बढ़ावा देना होता है, इसके विपरीत निजी प्रशासन की पहचान लाभ प्रेरणा से होती है, ना कि समाज सेवा से.

कानूनी ढांचा

  • लोक प्रशासन को कानूनी ढांचे के भीतर रहते हुए काम करना पड़ता है दूसरी और निजी प्रशासन ऐसी सीमाओं से मुक्त होता है

बाहय वित्तीय नियंत्रण का सिद्धांत

  • लोक प्रशासन का विधि विधान मंडल द्वारा निर्धारित होता है दूसरी और निजी प्रशासन में बैठे हुए थे नियंत्रण का सिद्धांत नहीं होता है यह अपने वित्त का प्रयोग इच्छा अनुसार करता है

लोक प्रशासन और निजी प्रशासन में अंतर

  • लोक और निजी प्रशासन में अनेक भिन्नता कई मामलों में देखने को मिलती है, लेकिन कुछ समानताएं भी है।
    कुछ प्रसिद्ध विद्वान जैसे हेनरी फयोल, एम.पी फोलेट, लिंडल अरबिक जैसे प्रशासनिक चिंतकों का एक समूह लोक और निजी प्रशासन में कोई भेद ही नहीं करता है।

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