8.फुल कर परब सरहुल आर तकर प्रासंगिकता खोरठा निबन्ध डॉ बी एन ओहदार

 (ग) खोरठा निबन्ध  

  • लेखक – डॉ0 बी0एन0 ओहदार
  • प्रकाशण वर्ष (प्रथम संस्करण) -1990
    • प्रकाशकजनजातीय भाषा अकादमी, राँची,बिहार सरकार
  • प्रकाशण वर्ष (द्वितीय संस्करण) – 2017 (अन्य में – 2016) 
  • निबंधों की संख्या – 12  (17 hai but 12 Syllabus me h)

 

1.सोब टाय चलहे

फिंगाठी(व्यंग्य)

2.बखेरा में बखेरा -लिंग बखरा

फिंगाठी(व्यंग्य)

3.बइजका  बगरा काम कम

फिंगाठी(व्यंग्य)

4.सर्वधर्म समभाव आर राष्ट्रीय एकता

विचारात्मक

5.एगो कुकुरेक आत्मकथा

आत्मकथात्मक 

विवरणात्मक

6.परेमचंद साहितेक समाजेक सइर सेरेस्तान जोगदान 

समीक्षात्मक

7.भाई बहन के शुभ्र प्यार के प्रतीक परब कर्म

विवरणात्मक

8.फुल कर परब सरहुल आर तकर प्रासंगिकता

विवरणात्मक

9.छोटानागपुरेक नैनीताल नेतरहाट

यात्रा वृतांत

10.हामिन के संस्कृति और तकरे  ऊपर संकट

विचारात्मक

11.खोरठा लेखन परंपरावादी ना जनवादी

विश्लेषणात्मक

12.हामें खड़ा हो

फिंगाठी(व्यंग्य)

13.आधुनिकताक बोने हेराइल लोकगीत – डोहा

 

14.खोरठा कबिता आर छायावादी भाभ

 

15.लक्ष्मीक सवारी

 

16.खोरठा समकालीन कहानियों में यथार्थ के विभिन्न आयाम

 

17.प्रभुता पाइ काहू मद नाहीं

 

 

 

निबंध संख्या – 8 : फूलकर परब सरहुल और प्रासंगिकता 

भावार्थ

  • देश की सभ्यता और संस्कृति के विकास में सबसे ज्यादा महत्व परिवेश का है  

दो प्रकार की सभ्यता 

  • नदी घाटी सभ्यता 
  • अरण्य  सभ्यता – झारखण्ड की सभ्यता 

 

  • सरहुल झारखण्ड का प्रतीक पर्व है। इस पर्व में सखुवे के पेड़ और उसके फूल की पूजा की जाती है। इसीलिए इसका नाम सरहुल= सरइ+ फूल पड़ा है। 
  • इसे मुंडारी में बा, संताली में बाहा, कुडुख (उरावं) में खद्दी और खड़िया में जाङकोर कहा जाता है, इन सभी नामों का अर्थ पुष्प और पलिव ही है।
  • कब -चैत्र बैसाख  ,शुक्ल पक्ष ,तृतीया ,(बसंत मौसम ) ,

जनजाति 

सरहुल 

स्थान – सरना 

मुंडारी

बा परब

बा = फूल 

जाएरा/जेहरी  

हो 

 

देशावली

संताली

बाहा

 

कुडुख (उरावं)

खद्दी

 

खड़िया

जाङकोर

जकोर 

जाङकोर

 

  • खद्दी का मतलब = नया नया पत्ता 
  • जाङकोर = जाङ(बीज ) + एकोर = प्रक्रिया 
  • यह नये साल के आगमन का पर्व भी है। 
  • जब पतझड़ होता है और उसके बाद वृक्षों में नये पल्लव और पुष्प लग जाते हैं तो जनजातीय समाज समझ जाता है कि एक वर्ष पूरा हो गया और इस खुशी में इस पर्व का आयोजन करते हैं।
  • यह प्रकृति पूजा का भी पर्व है। आज पूरा विश्व पर्यावरण संकट से जुझ रहा है, और इस संकट का एकमात्र समाधान है पेड़ पौधे वन आदि। अतः सरहुल पूजा पर्यावरण साक्षेप का संदेश देता है जो सर्वाधिक प्रासंगिक है। 
  • सरहुल पूजा के पुरे प्रकरण में तीन चरण(खेंदी ) आते हैं। 
    • 1. रूसा या बांगुरी 
    • 2. सरना पूजा 
    • 3. फूलखोंसी

 

1. रूसा या बांगुरी – 

  • चैत्र वैशाख महीना में गांव के पाहन सरहुल का दिन और तिथि तय करते हैं इसकी सूचना पाहन गांव के गोड़ायत  के माध्यम से सबको कर देते हैं की एक निश्चित तिथि को रूसा  होगा 
  • उस दिन गांव के लोग सभी छुट्टी मनाते हैं किसी भी प्रकार का काम नहीं करते हैं 
  • अगर कोई किसी काम जैसे कि  मिट्टी काटना , पानी पटाना आदि में पाया जाता है तो उसे दंड वसूला जाता है 
  • इस दिन लोग अपने घरों को साफ करते हैं 
  •  पुरुष वनों में जाकर शिकार करते हैं 
  • रूसा  सरहुल पर्व के तैयारी का दिन को कहते हैं

2. सरना पूजा 

  • रूसा के दूसरे दिन गांव के सभी लोग सरना स्थल में उपस्थित होते हैं और सरना पेड़  का पूजा करते हैं
  • इसी दिन गांव के पहन के द्वारा कुछ प्राकृतिक संकेतों के आधार पर वर्षा हवा पानी लाभ हानि  आदि की भविश्यवाणी  की जाती है

3. फूलखोंसी

  • तीसरा दिन पाहन नए सुप  में सरई  के फूलों को लेकर गांव के प्रत्येक किसान के घरों के दरवाजे में खोस  देता है
  • घर के गोमकाइन  के द्वारा पाहन का पैर थाला में रखकर धोया जाता है और उस पानी को घर के छाईन  में फेंक दिया जाता है

 

  • इस निबंध में ईशोपनिषद का  उल्लेख है 
  • उत्तरी छोटानागपुर – फल सरहुल , बैसाख 
  • दक्षिण छोटानागपुर  – फूल सरहुल ,चैत्र
  • बाण नाभि – बाण को गाड़ना 
  • मानसून का अंतर  – 15 दिन 

 

  • 1Q.“सेन ते सुसुन ,कजी गे दुरंग तिगी थ बीड़ी ,दुमंग सदी ““फुल कर परब सरहुल आर  तकर प्रासंगिकता निबंध” में प्रयोग गीत किस भाषा का है ? मुंडारी गीत 
  • 2Q. जहां सरहुल पूजा किया जाता है उस स्थान को क्या कहते हैं ? सरना
  • 3Q.सरना स्थल में सरहुल पूजा किसके द्वारा किया जाता है ? पाहन के द्वारा
  • 4Q.सरना स्थल पर सरहुल पूजा करने के लिए पाहन को जमीन कौन देता है ? सरकार के द्वारा
    • इस जमीन को पहनई भूमि कहा जाता है
    • सरहुल पूजा के दिन पाहन के द्वारा पूर्वजों की आत्मा को बुलाया जाता है – हे  हमर बोंगा  हे  हमर पुरखा  सब आइझ  एकबछर  आर सीराय गेलक
  • 5Q. झारखंड के जंगलों को क्या कहा जाता है ? सरई वन 
    • सरई पेड़ की अधिकता के कारण
  • 6Q. जनजातियों के द्वारा सरई  के बीज का  चियाँ , महुआ और सरगुजा के साथ मिलाकर भूंज  कर क्या  बना कर खाया जाता है ? लाठा (गोंद )  
  • 7Q.उत्तरी छोटानागपुर  में सरहुल कब मनाया जाता है ? बैसाख (फल सरहुल कहते है ) 
  • 8Q.दक्षिण छोटानागपुर  में सरहुल कब मनाया जाता है ? चैत्र (फूल सरहुल कहते है ) 

    • सरहुल पूजा के बाद ही खेती बारी की योजना बनाया जाता है 
    • सरना पूजा की रात को गांव का पाहन  धान का बीज अपने खेतों में बुनता  है इसके बाद ही बाकी लोग धान बुनते हैं
  • 9Q. झारखंड में धान का खेती कितने प्रकार से होता है ?  दो प्रकार 
    • बवग  
    • रोपनी 
      • प्रत्येक किसान आधा खेत में प्रत्येक वर्ष बवग खेती करता है और आधा खेत में रोपनी
    • सरहुल पूजा के बाद खेतों में आधा बेला(पार्ट टाइम ) काम किया जाता है  
    • आषाढ़ महीना में किसी तिथि को पाहन के द्वारा फिर से रूसा बुलाया जाता है जिसे हरियरी  रूसा कहते हैं 
      • हरियरी  रूसा के बाद खेतों में दो बेला यानी कि पूरा दिन काम किया जाता है
    • धान रोपने के समय गांव के किसान के द्वारा पहले बान गाड़ा जाता है उसके बाद अन्य लोग धान रोपते  रोकते हैं इसको बाननभी  कहते हैं
  • 10Q.परमाणु संकट से भी बड़ा संकट कौन सा है ? पर्यावरण का संकट
  • 11Q.सरहुल किस तरह का पर्व है ? मरजादा के परब, सीमाबद्धता का प्रभाव

 

  • 12Q. इशोपनिषद से लिया गया श्लोक किस निबंध में उल्लेखित है ? फूल कर परब सरहुल आर तकर प्रासगिकता

ईशा वस्य इर्दै सर्व 

यत्किन्च जगत्यां जगत

तेन त्यत्केन भुञ्जीथा:

मागृध कश्चित धनम 

 

  • इस श्लोक का मतलब है प्रकृति में सभी जीव  एक समान है, सभी का अपना महत्व है, कोई जीव एक दूसरे से बड़ा छोटा नहीं है, प्रत्येक प्राणी एक सीमा के भीतर रहकर प्रकृति से लाभ उठा सकता है
  • पर्यावरण संकट से निपटने के लिए वन ,पेड़ लगाने की जरूरत नहीं है बल्कि वनों को बचाने की जरूरत है 
  • पर्यावरण का शिक्षा सिर्फ बंद कोठरी और किताबों में ही दफन हो जाता है पर्यावरण शिक्षा के शिक्षक है ये  सरना स्थल इन्हें फिर से जिंदा करना है

 

13Q.यह नारा किस देश का है ? चीन 

if you plan for one year plant rice 

if you plan for 10 years plant trees 

but if you plan for hundred year educate the people

 

  • 14Q. फूल कर परब सरहुल आर तकर प्रासगिकता फूल कर परब सरहुल आर तकर प्रासंगिकता ‘पाठ’ कर लिखवइया लागथ? डॉ. बी.एन. ओहदार
  • 15Q.’फूल कर परब सरहुल आर तकर प्रासंगिकता पाठ कोन किताब से लेल गेल हे ? खोरठा निबंध
  • 16Q.फूल परब सरहुल आर तकर प्रासंगिकता कोन रकमेक रचना लागे ? वर्णनात्मक
  • 17Q.नदी घाटी आर समुंदरेक कछारें कोन सभ्यता पोंगाइल हे ?नदी घाटी सभ्यता 
  • 18Q.बोन-पहारे जे सभ्यता पोंगाइल हे, ऊ कहाहे ? अरण्य सभ्यता 
  • 19Q. झारखंडे कोन सभ्यता पोंगाइल हे ?अरण्य सभ्यता 
  • 20Q.सरहुल सबद कोन कोन सबदेक मेल से बनल हे ?सरइ फूल
  • 21Q.सरहुल परबे कोन फूलेक महातम हइ ? सरई फूलेक
  • 22Q. सरहुल परब कोन महिनाञ मनवल जाहे ? चइत-बइसाख
  • 23Q. ‘सरना’ केकरा कहल जाहे ? सरहुल पूजा करके ठाँव (जगह)
  • 24Q. ‘पहान’ केकरा कहल जाहे ? सरनाञ पूजा करे वाला 
  • 25Q. ‘पहनइ जमीन’ केकरा कहल जाहे ?पहान के मिलल जमीन 
  • 26Q.’सदान’ केकरा कहल जाहे ? गैर आदिवासी 
  • 27Q.काम एके बेरा करल जाहे। हियाँ ‘बेरा’ कर माने की हे? पहर
  • 28Q.’रूसा’ कर माने की हे ?एक दिन काम बंद करेक  
  • 29Q.हरियरी रूसा कोन महिनाञ मनवल जाहे ? असार
  • 30Q.सरहुल के मुंडारी भासाञ कहल जाहे ?  बा पोरोब 
  • 31Q.सरहुल के कुडुख भासाञ कहल जाहे ? खद्दी 
  • 32Q.सरहुल के खड़िया भासाञ कहल जाहे ? जाङकोर
  • 33Q. सरना पूजाक दिने बरखा-बूंदी हवा-पानी हानि-लाभ, पर-पइदावार की भबिसबानी कर हे ? पहान
  • 34Q.झारखंडे बोने कोन गाछ बेसी पावा हे ? सरइ. गाछ
  • 35Q. रॉची से लइके दखिन आर पूरुब मेनेक (दक्षिणो छोटानागपुर) में सरहुल को महिना मनवले जाहे ? चइत
  • 36Q.दक्षिणी छोटानागपुरेक सरहुल के कहल जाहे ? फूल सरहुल
  • 37Q. रॉची से उत्तरी छेतरे (उत्तरी छोटानागपुरे) सरहुल कोन महिना मनवल जाहे ? बइसाख 
  • 38Q.उत्तरी छेतरेक (उत्तरी छोटानागपुरेक) सरहुल के कहल जाहे ? फर (फल) सरहुल 
  • 39Q. झारखंडे खेती बारी (धान खेती) करेक रीत हे ?सरहुल कर बादे
  • 40Q. झारखंड कर दखिनी आर उत्तरी छेतरे मानसून आर खेती बारीक में अन्तर कतना दिने रहहे । दु सप्ताह (15 दिन) 
  • 41Q. बान नभी केकर कहल जाहे ?धान रोपनी घरी गाँवेक किसान (मुइख अदमी (महतो) पहिल बान गाड़े हे 
  • 42Q. परमाणु संकट ले बेसी संकट कोन हे ? पर्यावरण संकट
  • 43Q.लेखकें सरहुल के कइसन परब कहल हथ? फूल परब
  • 44Q. “If you plan for one year, plant rice If you plan for ten years, plant trees but if you plant fo hundred years, educate the people. ई नारा कोन देश कर लागे ? चीन
  • 45Q. लेखकें पर्यावरण शिक्षा के शिक्षक केकरा कहल हथ? सरना