7 .भाई बहन के शुभ्र प्यार के प्रतीक परब कर्म (विवरणात्मक) खोरठा निबन्ध डॉ बी एन ओहदार

 (ग) खोरठा निबन्ध  

  • लेखक – डॉ0 बी0एन0 ओहदार
  • प्रकाशण वर्ष (प्रथम संस्करण) -1990
    • प्रकाशकजनजातीय भाषा अकादमी, राँची,बिहार सरकार
  • प्रकाशण वर्ष (द्वितीय संस्करण) – 2017 (अन्य में – 2016) 
  • निबंधों की संख्या – 12  (17 hai but 12 Syllabus me h)

 

1.सोब टाय चलहे

फिंगाठी(व्यंग्य)

2.बखेरा में बखेरा -लिंग बखरा

फिंगाठी(व्यंग्य)

3.बइजका  बगरा काम कम

फिंगाठी(व्यंग्य)

4.सर्वधर्म समभाव आर राष्ट्रीय एकता

विचारात्मक

5.एगो कुकुरेक आत्मकथा

आत्मकथात्मक 

विवरणात्मक

6.परेमचंद साहितेक समाजेक सइर सेरेस्तान जोगदान 

समीक्षात्मक

7.भाई बहन के शुभ्र प्यार के प्रतीक परब कर्म

विवरणात्मक

8.फुल कर परब सरहुल आर तकर प्रासंगिकता

विवरणात्मक

9.छोटानागपुरेक नैनीताल नेतरहाट

यात्रा वृतांत

10.हामिन के संस्कृति और तकरे  ऊपर संकट

विचारात्मक

11.खोरठा लेखन परंपरावादी ना जनवादी

विश्लेषणात्मक

12.हामें खड़ा हो

फिंगाठी(व्यंग्य)

13.आधुनिकताक बोने हेराइल लोकगीत – डोहा

 

14.खोरठा कबिता आर छायावादी भाभ

 

15.लक्ष्मीक सवारी

 

16.खोरठा समकालीन कहानियों में यथार्थ के विभिन्न आयाम

 

17.प्रभुता पाइ काहू मद नाहीं

 

 

 

निबंध संख्या – 7 : भाई बहिन के प्यार के प्रतीक परब करम 

शीर्षक का अर्थ – भाई बहिन के प्यार का प्रतीक पर्व करम। 

भावार्थ-

  • यह एक समीक्षात्मक निबंध है। 
  • करम पर्व के सामाजिक, सांस्कृतिक महत्व और इसकी प्रासंगिकता को चिन्हित किया गया है। 
  • करम पर्व को राखी, भाइदूज, जो भाई-बहन के प्रतीक पर्व हैं उनके समकक्ष बताया गया है। 
  • करम पर्व के साथ प्रकृति पूजा, युवतियों द्वारा पुत्र कामना ,बीजों के अकुरण और कृषि कर्म जैसी मान्यताएं भी जुड़ी है किंतु इस निबंध में करम पर्व को भाई बहन के बीच शुभ्र प्यार का प्रतीक बताया गया है।

महीना – भादो इंजोरिया(शुक्ल पक्ष) एकादसी  

कौनकुंवार आर डंगुआ बेटी छउवा

क्यों – 

  • कर्म का धर्म पर विजय 
  • सुंदर संतान प्राप्ति के लिए 
  • अपने प्रेमी के प्रदेश से वापस लौटने की खुशी के कारण 
  • धान रोपने के कठिन परिश्रम के बाद खुशी मनाने के लिए 
  • भाई के सुख संपत्ति की कामना के लिए 
  • डंगुआ बेटी छउवा का अपने पिता के घर वापस (नइहर )आने के लिए

अन्यडाला/डाली /टुपा  ,अंकुर(कुर्थी ,उर्द ,) ,खीरा , करम डाली ,पाहन  ,जावा फूल ,जावा गीत ,मदरिया झूमर ,अंकुरित चना (अंकरी – बटरी ) ,कर्मा-धर्मा ,अखरा 

 

 

दिहा दिहा करम गोसाय आसीश हो 

हमार भैया जिये लाख बरिश हो 

 

परलइ  भादर मास  ,लागलाय नइहर के आश 

मैया कहि कहि भइया के पठाय 

रे भादर कुहकल आय। 

 

काँशी  फूल झरि गेल ,आशा मोर टूटी गेल ,

कांदी कांदी छतिया धोवइ 

रे भादर चलल सिराय 

तइयो मोर भइया नहीं आय 

रे भादर चलल सिराय 

 

 

1Q. झारखंड में भाई और बहन के प्यार के प्रतीक के रूप में राखी एवं भैया दूज के अलावा और कौन सा त्यौहार मनाया जाता है? करमा पूजा

2Q. करमा पूजा में किसका पूजा किया जाता है?करम राजा

3Q.करमा पूजा कब मनाया जाता है ? भादो इंजुरिया की एकादशी को

4Q. कर्म पूजा में करमइतिन  गोल मटोल  खीरा  के समान किस की कामना करती है ? सुडोल बेटा की

5Q. करम  पूजा का डाला को किसके घर रखा जाता है ? गांव के  पाहन के घर या   मुख्य  डलईतीनेक के घारे

6Q.करम  पूजा के दिन जंगल से करम  पेड़  की दो डाली को काटकर कौन लाता है ?    ? गांव का पाहन

7Q. करम  पूजा के दिन जंगल से करम  पेड़  की दो डाली को गांव का पाहन के द्वारा कहां छोड़ दिया जाता है ? गांव के बाहर

8Q. करम  पूजा के दिन जंगल से करम  पेड़  की दो डाली को अखड़ा में किसके द्वारा गाड़ा  जाता है? करमइतिन के भाई द्वारा 

9Q. पूजा करने वाले बहनों के द्वारा भाई को अंकुरित बीज खाने को दिया जाता है उसे क्या कहते हैं ? अंकरी – बटरी

10Q. करमइतिन के खीरा बेटा को कौन खा सकता है ? करमइतिन के बाप 

  • लेकिन भाई  नहीं खा सकता है क्योंकि वह उसका मामा लगेगा

11Q.भाई-बहिन के शुभ्र प्यार के प्रतीक परब ‘करम’ पाठ कर लिखवइया लागथ? डॉ. बी.एन. ओहदार

12Q.भाई-बहिन के शुभ्र प्यार के प्रतीक परब करम’ कोन किताबे सामिल हे? खोरठा निबंध

13Q. करम पूजा करवइया करमइतिन कोन हेवहथ ?कुंवार आर डंगुआ बेटी छउवा 

14Q. डंगुआ बेटी छउवा केकरा कहल जाहे ? बिहाहल मगुर माय नात्र बनल बेटी छउवा 

15Q.डाला कोन चीज से बनवल जाहे ? बाँस

16Q. इंजोरिया माने की हेव हे ? शुक्ल पक्ष.

17Q. करमइतिन पूजाक बादे भाइ खातिर अंचरा पसाइरके की माँग हीक ? भाइके सुख सम्पइत

18Q. करमइतिन आपन पूजाक थारीञ एगो गोल मटोल पुसटगर रूपी खीरा राइखके

करम राजा से कामना कर हीक ? ओकरा सुन्दर सुडौल बेटा मिले 

19Q. करमइतिन खीरा कोन नात्र खाहे ?करमइतिन कर भाय 

20Q. जावा जगवेक पहर गावेक गीत के की कहल जाहे ? जावा गीत

21Q.डालाक बालाञ बुनला गोटा से अंकुरल के की कहल जाहे ?जावा फूल

22Q. करम डाइर कोने काट हे ? गाँवेक पाहन

23Q.करम डाइर हेवेक चाही ?एके गाछेक हेवेक चाही

24Q. करम पूजाञ पहान बा गाँवेक महतो कोन कहनी सुनाव हे ? करमा-धरमा कर

25Q. बिहाने दोसर दिन करमइतिन भाइयेक काने जावा फूल खोइस के कह हीकआपन करम भाइयेक धरम 

26Q.करमइतिन आपन भायेक लागिन की माँग हीक ?सुख-सम्पइत 

27Q. बहिन भाइ के अंकुरल बूट (चना) खाइके देहीक ऊ कहल जाहे ? अंकरी-बंटरी

 

28Q. कोन परब झारखंडे गीत से सुरू हेवहे आर गीतही सिराइ जाहे ? करम परब

29Q. भाइ-बहिन के बियोग, नइहरेक प्रति मोह ममताक बडी सुन्दर चित्रण कोन गीते

पावा हे ? करम गीतें