प्लवमान जीन
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  • बारबरा मैक्लिंटॉक ने ‘प्लवमान जीन‘ (जंपिंग जीन) सिद्धान्त को प्रतिपादित किया था।
  • इस खोज के कारण वर्ष 1983 में चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
  • रिपोर्ट मक्का के पौधे पर आनुवंशिकता से संबंधित शोध करते समय पाया गया कि कुछ आनुवंशिक कारक एक गुणसूत्र में एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थित हो सकते हैं। इन जैविक जंपिंग जीन्स के कारण आनुवंशिक परिवर्तन होते हैं, जिससे मक्का के दाने पर कुछ धब्बे हो जाते हैं। नए परिपक्वता के आधार पर यह निष्कर्ष निकला है कि सभी कोशिकाओं में डीएनए के अनुक्रम (अनुक्रम) होते हैं, जिन्हें ट्रांसपोजेबल तत्व या ट्रांसपोजोन (ट्रांसपोसॉन) कहा जाता है, जिसकी स्थिति बदलने पर जीन की स्थिति भी बदल जाती है।